लखनऊ। कैसरबाग में रोडवेज बस से डीजल चोरी का मामला उजागर होने के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। बसों से डीजल चोरी रोकने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। इसके लिए टीम गठित की जाएगी। इसके अतिरिक्त डीजल खपत, औसत आदि की रिपोर्ट क्षेत्रीय प्रबंधकों, सेवा प्रबंधकों से मांगी गई है।
एक दिन पहले ही कैसरबाग बस अड्डे के पास बहराइच की बस से डीजल चोरी करते हुए डालीगंज निवासी परवेज आलम व संविदा चालक शरीफ अहमद को गिरफ्तार किया गया था। बुकिंग क्लर्क आमिर जावेद की सतर्कता से डीजल चोर पकड़े गए थे। दोनों के खिलाफ वजीरगंज थाने में मामला दर्ज कराया गया है। अनुमान के अनुसार, दो साल से बसों से डीजल चोरी की जा रही थी, जिससे लाखों रुपये का चूना रोडवेज को लगाया गया है। ऐसे में अब डीजल चोरी रोकने के लिए रणनीति बनाई जाएगी। पेट्रोल पंपों पर डीजल भरवाते समय रिकॉर्डिंग करवाई जा रही है।
वहीं, बस अड्डों से निकलने वाली बसों का डीजल औसत ढंग से चेक किया जाएगा। साथ ही डीजल टैंक में भी रेलवे इंजनों की तर्ज पर डिवाइस लगाई जा सकती है, ताकि डीजल निकाला ही न जा सके। इसके लिए टीम गठित कर कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर, प्रदेशभर के क्षेत्रीय प्रबंधकों, सेवा प्रबंधकों से डीजल खपत, बसों में डीजल औसत आदि की जानकारी मांगी गई है।