लखनऊ। इंदिरानगर के सुग्गामऊ में किराये के कमरे में रहने वाले सिपाही के बेटे संजीव कुमार (21) ने शुक्रवार रात कमरे में फंदा लगा लिया। रूममेट उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। संजीव ने आत्महत्या क्यों की इसका पता नहीं चल सका। इसके अलावा, पीजीआई के तेलीबाग निवासी मूक बधिर महेश (29) ने आत्महत्या कर ली।
इंदिरानगर के कार्यवाहक इंस्पेक्टर अजय नारायण सिंह ने बताया कि संजीव मूल रूप से कानपुर देहात के अकबरपुर के रहने वाले थे। उनके पिता श्रवण यूपी पुलिस में सिपाही हैं और मौजूदा समय में कानपुर में तैनात हैं। संजीव सेना की भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रहे थे। 12 फरवरी को उनकी परीक्षा थी। 15 फरवरी को बड़े भाई राजीव की शादी होनी है। पिता के अनुसार, आठ फरवरी को संजीव ने घर आने की बात कही थी। शुक्रवार शाम को उसकी मां से फोन पर बात भी हुई थी। रात करीब 10 बजे रूममेट कमरे पर पहुंचे तो उन्होंने संजीव को पंखे से लटका पाया। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इंस्पेक्टर ने बताया कि घटना के वक्त संजीव के गले में मोबाइल का नेकबैंड पड़ा था। उनके मोबाइल फोन को जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। परिजनों ने कोई आरोप भी नहीं लगाया है। तीन भाइयों में संजीव सबसे छोटे थे।
इसके अलावा, पीजीआई के तेलीबाग स्थित शिव विहार कॉलोनी निवासी मूक बधिर महेश (29) ने शुक्रवार शाम कमरे में लगे पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदा लगा लिया। इंस्पेक्टर पीजीआई धीरेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों का कहना है कि महेश पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव में थे। चचेरे भाई विजय के मुताबिक कुछ समय पहले हुई भाई की मौत के बाद से महेश अवसाद में रहने लगे थे। परिवार में पिता बाबूराम और मां सांवरी देवी हैं।