लखनऊ। डाॅ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के शहीद पथ स्थित रामप्रकाश गुप्त मातृ शिशु एवं रेफरल हॉस्पिटल में सात मंजिला ओपीडी भवन बनेगा। इसके साथ ही परिसर में बनने वाले 750 बेड अस्पताल की क्षमता अब 1000 बेड की होगी। संस्थान ने शासन को इसका प्रस्ताव भेजा है।
संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह ने बताया कि नए ओपीडी भवन में मेडिसिन, त्वचा, नेत्र, मानसिक, इंडोक्राइन मेडिसिन, इंडोक्राइन सर्जरी, जनरल सर्जरी, ईएनटी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन समेत अन्य विभागों की ओपीडी संचालित होगी। अभी तक इस परिसर में सात मंजिल का अस्पताल बनना था। इस सात मंजिला भवन के दो तलों पर ओपीडी का संचालन होना था। अब ओपीडी के लिए अलग भवन बनाया जाएगा। ऐसा होने पर अस्पताल के दो तल खाली हो जाएंगे। इस तरह अस्पताल में भर्ती की क्षमता 750 से बढ़कर 1000 हो जाएगी।
पुराने परिसर में सिर्फ सुपर स्पेशियलिटी के विभाग
निदेशक ने बताया कि नया अस्पताल और ओपीडी ब्लाॅक बनने के बाद गोमतीनगर स्थित पुराने परिसर में सिर्फ सुपर स्पेशियलिटी विभागों का संचालन ही होगा। इनकी ओपीडी का संचालन और मरीजों की भर्ती दोनों गोमतीनगर परिसर में होगी। ब्राॅड स्पेशियलिटी विभागों के शिफ्ट होने के बाद खाली हुए स्थान का इस्तेमाल सुपर स्पेशियलिटी विभागों के बेड बढ़ाने में किया जाएगा। इससे ज्यादा मरीजों को लाभ मिल सकेगा।
स्थान की कमी से बाधित हो रहा विकास
गोमतीनगर में डॉ. राम मनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय की शुरुआत वर्ष 1991 में हुई थी। इसके बाद वर्ष 2006 में शुरू हुए डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में वर्ष 2009 में पीजीआई के सहयोग से 20 बेड की सुविधा के साथ ओपीडी का संचालन शुरू हुआ था। 2021 में लोहिया अस्पताल का विलय लोहिया संस्थान में कर दिया गया। नए विभागों के लिए यहां स्थान की कमी है। इसी वजह से शहीद पथ स्थित अस्पताल परिसर में नए भवन बनाकर सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।