स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध और माफिया सिंडिकेट की कमर तोड़ी है। इसके बावजूद पुलिस के सामने साइबर क्राइम और वन्यजीव से जुड़े अपराध एक बड़ी चुनौती हैं।
इस पर प्रभावी अंकुश के लिए साइबर क्राइम सेल की अलग विंग बनेगी। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने शुक्रवार को एसटीएफ के 20वें स्थापना दिवस पर पत्रकारों को दी।
डीजीपी ने कहा कि अब तक एसटीएफ के साथ मिलकर अपराध नियंत्रण में जुटी साइबर क्राइम सेल को जल्द ही अलग विंग के रूप में स्थापित किया जाएगा। यह महिलाओं व बच्चों के अलावा साइबर क्राइम पर विशेष फोकस करेगी।
विंग के लिए अलग से मानव संसाधन की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए सरकार ने अलग से 4.5 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। विंग के कर्मियों के लिए मुरादाबाद में ‘एक्सेलेंस ट्रेनिंग सेंटर’ शुरू किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एसटीएफ ने इस बार बोर्ड की परीक्षाओं में नकल के खिलाफ भी अच्छी छाप छोड़ी है। आम लोगों का इस पर भरोसा बढ़ा है। अपर पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था आनंद कुमार और आईजी एसटीएफ अमिताभ यश ने एसटीएफ को और प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए।