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हिंदुत्व पर फिर बिछेगी बिसात, तैयारी में जुटी विहिप, नौ और दस को धर्म संसद की बैठक में बनेगी योजना

Fri, 06 Nov 2020 01:35 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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विश्व हिंदू परिषद - फोटो : फाइल फोटो
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आने वाले दिनों में प्रदेश में हिंदुत्व पर नई बिसात बिछती हुई दिखेगी। विश्व हिंदू परिषद की तैयारियों से यह साफ  दिखाई देने लगा है। इसका तौर-तरीका और तारीख तो 9-10 नवंबर को  दिल्ली में होने जा रही धर्म संसद की बैठक में तय होगी, लेकिन इतना साफ  है कि धर्मांतरण, लव जिहाद, मठ-मंदिर सुरक्षा जैसे मुद्दे इसका माध्यम बनेंगे। इसी बैठक में विहिप की पूर्व योजना के अनुसार जनवरी में घर-घर चलने वाले राम मंदिर अभियान की रूपरेखा व तारीख का भी फैसला होगा।

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दरअसल, धर्म संसद वह फोरम है जिसके जरिए हिंदुत्व के सरोकारों पर अब तक महत्वपूर्ण फैसले होते रहे हैं। वह चाहे रामजन्मभूमि आंदोलन रहा हो या राम सेतु बचाने का अभियान। बात चाहे हिंदू तीर्थ स्थलों की सुरक्षा व संरक्षण का हो, गाय व गंगा के सरोकारों की हो या फिर सामूहिक भोज जैसे बड़े आयोजनों की। विहिप ने हर मुद्दे पर धर्म संसद की बैठक से फैसला करवाया और योजना भी बनवाई। इसकी वजह  हिंदुत्व के सरोकारों से जुड़े मसलों पर चलने वाले अभियानों तथा आंदोलनों में संपूर्ण हिंदुओं की भागीदारी कराने की रही। कारण, धर्म संसद में हिंदुओं के विभिन्न मतावलंबियों के शीर्ष संतों को प्रतिनिधित्व दिया गया है ताकि हिंदुत्व के मुद्दे पर होने वाले फैसले तथा अभियानों एवं आंदोलनों को पूरे हिंदू समाज का समर्थन रहे।

इसलिए महत्वपूर्ण है बैठक
धर्म संसद की यह बैठक इसलिए और महत्वपूर्ण है कि दिसंबर में विहिप के शीर्षस्तर के पदाधिकारियों की भी बैठक प्रस्तावित है जिसमें विहिप के आगामी एक वर्ष के कार्यक्रमों पर फैसला होना है। विहिप की कोशिश है कि हिंदुत्व के सरोकारों से जुड़े लव जिहाद, धर्मांतरण, मठ-मंदिरों की सुरक्षा तथा राम मंदिर पर आगे चलने वाले कार्यक्रमों पर संतों की मंशा के अनुरूप कार्यक्रम तय किए जा सकें। ये मुद्दे इस समय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और विहिप के लिए चिंता का विषय बने हैं। संघ परिवार इन मुद्दों पर सरकार से कानून बनवाना चाहता है। इसके लिए उसकी योजना राष्ट्रीय स्तर पर अभियान चलाने की भी है। इस पर भी धर्म संसद में कार्ययोजना बनाए जाने के संकेत हैं।

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