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रेलवे अफसरों की लापरवाही: इस वीआईपी ट्रेन में यात्रियों को 850 किमी तक शव के साथ करना पड़ा सफर

Fri, 05 Apr 2019 01:32 PM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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पुष्पक एक्सप्रेस से मुंबई से लखनऊ आ रहे एक यात्री की खंडवा में मौत हो गई। ट्रेन के अन्य यात्रियों का आरोप है कि रेलवे को इसकी जानकारी दी गई, लेकिन शव को नहीं हटाया गया। खंडवा से लखनऊ तक करीब 850 किमी तक यात्री का शव बोगी में ही पड़ा रहा।

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ऐसे में अन्य यात्रियों को इसके बीच पूरी रात काटनी पड़ी। सुबह लखनऊ पहुंचने पर शव को ट्रेन से उतारा गया। पुष्पक  वीआईपी ट्रेनों में शुमार है। ऐसे में यह घटना रेलवे अधिकारियों की लापरवाही की पोल खोलती है। यात्रियों के अनुसार ट्रेन की जनरल बोगी में खदरा सीतापुर निवासी जमालुद्दीन मुंबई से लखनऊ आ रहा था।

बीच रास्ते उसे सीने में तेज दर्द उठा। इससे पहले कि मदद हो पाती, जमालुद्दीन ने दम तोड़ दिया। उस वक्त ट्रेन खंडवा स्टेशन के पास थी। रेल प्रशासन को सूचना देने के बाद भी शव को अन्य यात्रियों से अलग करने के कोई प्रयास नहीं किए गए।
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मंगलवार सुबह 8.45 बजे ट्रेन लखनऊ पहुंची तो जीआरपी ने शव को उतारा। जीआरपी चौकी प्रभारी रनवीर सिंह ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पहचान पत्र और मोबाइल से संपर्क कर जमालुद्दीन के घरवालों को शव सौंप दिया गया।

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मुंह ढककर काटनी पड़ी रात

पुष्पक की जनरल बोगी में क्षमता से दोगुने करीब डेढ़ सौ यात्री थे। ऐसे में शव के बीच सफर करना इनका लिए बेहद कष्टदायी रहा। खंडवा से लखनऊ तक नौ स्टेशन और 850 किमी तक शव ट्रेन में पड़ा रहा। ऐसे में रातभर महिलाएं व बच्चे मुंह ढककर जैसे-तैसे सफर कर लखनऊ पहुंचे।

सूचना पर जीआरपी को भेजा
मामला खंडवा स्टेशन का है, जो मध्य रेलवे में आता है। वहां से ट्रेन को लखनऊ आने में कई मंडलों से गुजरना पड़ता है। जब लखनऊ मंडल में ट्रेन आई और शव की सूचना मिली तो तत्काल जीआरपी को कार्रवाई के लिए भेजा गया। शव परिजनों को सौंप दिया गया। - संजय यादव, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, पूर्वोत्तर रेलवे
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