हरिद्वार के मुताबिक 10 अगस्त को उनका पोता शौविक पांडेय घर के बाहर खेल रहा था। इस दौरान विनय उपाध्याय का बेटा कुशल सौमिल भी मौजूद था। आरोप है कि इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला किशोर तेज रफ्तार कार से आया और जान बूझकर शौविक को टक्कर मार दी। गाड़ी की टक्कर इतनी जोरदार थी कि कुशल सौमिल दीवार से जा टकराया जबकि शौविक उछलकर घर के भीतर जा गिरा। हादसे में शौविक की कॉलर बोन और पसलियां टूट गईं। परिजन आनन फानन शौविक को निजी अस्पताल लेकर गए, जहां तीन दिन तक उसका आईसीयू में इलाज चला। हरिद्वार का आरोप है कि घटना के बाद न तो आरोपी पक्ष अस्पताल आया और न ही माफी मांगी। उल्टा उन्होंने बच्चों की गलती बताई। पीड़ित ने पास में लगा सीसीटीवी कैमरा चेक किया तो हैरान रह गए। फुटेज में कार सवार अचानक बच्चों पर गाड़ी चढ़ाते नजर आ रहा है। हरिद्वार के मुताबिक यह दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित हमला था।
पुलिस पर टरकाने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने पहले उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की। पीड़ित जब भी शिकायत लेकर जाते उन्हें टरका दिया जाता। पुलिस ने पीड़ित परिवार से ही कागज पर जबरन हस्ताक्षर भी करवा लिए थे। सोशल मीडिया पर हादसे का वीडियो वायरल होने पर पुलिस हरकत में आई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। डीसीपी मध्य आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की छानबीन की जा रही है। फुटेज देखे गए हैं। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।
घर के बाहर खेल रहे बच्चों को टक्कर मारती कार।