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Lucknow News: प्रदूषण से निपटने के लिए तैयार हो नया मॉडल

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कॉन्फ्रेंस को संबो​धित करते डॉ. देवव्रत कानूनगो
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लखनऊ। भारतीय विष विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईआईटीआर) परिसर में बुधवार को चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिक काॅन्फ्रेंस- अर्थ 2024 का आगाज हुआ। सम्मेलन के पहले दिन यहां जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण प्रदूषण के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए देशभर के कई वरिष्ठ वैज्ञानिक शामिल हुए।
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मुख्य अतिथि के तौर पर राज्यसभा सांसद व लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी पंजाब के चांसलर डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने पर्यावरण और आबोहवा में फैल रही विषाक्तता से निपटने को वैज्ञानिकों से नए मॉडल विकसित करने का आह्वान किया। विश्व स्वास्थ्य संगठन के साथ काम कर रहीं वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. कल्पना बालकृष्णन ने ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज (जीबीडी 2021) की हालिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि वायु प्रदूषण से भारत में हर साल लगभग 21 लाख लोगों की असामयिक मृत्यु हो रही है।


पर्यावरण और हवा में फैल रही विषाक्तता पर चर्चा हुई। विशिष्ट अतिथि के तौर पर वरिष्ठ वैज्ञानिक व स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के पूर्व अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. देवब्रत कानूनगो, सीएसआईआर भर्ती एवं मूल्यांकन बोर्ड के अध्यक्ष पद्मश्री प्रो. वीके सिंह व कुशाग्रामति एनालिटिक्स के सीईओ डॉ. अनंत कोपर ने संबोधित किया। इस मौके पर अतिथियों ने अर्थ 2024 स्मारिका का विमोचन भी किया गया।
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आईआईटीआर के निदेशक डॉ. भास्कर नारायण ने कहा कि यह सम्मेलन दुनियाभर में कार्यरत विभिन्न विषयों के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं को एक साथ लाएगा। ताकि वे उभरते प्रदूषकों के विष विज्ञान व जोखिमों और मानव स्वास्थ्य व सुरक्षित पर्यावरण पर उनके प्रभावों को समझा जा सकें।
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