लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अब दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता, देखभाल और सेवाभाव के गुण भी सीख पाएंगे। इसके लिए वह स्नातक स्तर पर वैकल्पिक प्रश्नपत्र के तौर पर दिव्यांगता अध्ययन का विषय पढ़ेंगे। विश्वविद्यालय के विशेष शिक्षा संकाय ने इसका सिलेबस तैयार कर लिया है। इसे विद्यापरिषद की बैठक से अनुमोदन भी मिल गया है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति एनईपी-2020 में विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए बहुविषयक शिक्षा देने का प्रावधान किया गया है। इसमें छात्र-छात्राओं को स्नातक शिक्षा में संकाय से इतर किसी दूसरे संकाय के एक विषय को भी पढ़ना होगा। विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार अन्य संकाय के किसी कोर्स से विषय का चयन कर सकता है। पुनर्वास विवि में दिव्यांग और सामान्य दोनों तरह के विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसलिए आम छात्र भी दिव्यांगों को लेकर संवेदनशील हों, इसके लिए स्पेशल एजुकेशन विभाग ने उनके लिए दिव्यांगता पर आधारित प्रश्नपत्र तैयार किया है। प्रवक्ता प्रो. यशवंत वीरोदय ने बताया कि विवि में हर स्तर पर एनईपी का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी क्रम में यह निर्णय भी शामिल है।
दिव्यांगों के मनोभाव पर बनाई जाएगी फिल्म
पुनर्वास विवि के दिव्यांगों की मनोदशा पर आधारित टेली फिल्म बनाई जाएगी। यह फिल्म वैश्विका फिल्म के बैनर तले नार्वे के प्रवासी साहित्यकार सुरेश चंद्र शुक्ल ‘शरद आलोक’ बनाएंगे। अभी तक वह हिंदी टेली फिल्म ‘तलाश’ और ‘गुमराह’ के अलावा नॉर्वेजियन टेली फिल्म ‘रायसेन तिल कनाडा’ का निर्माण कर चुके हैं। शरद आलोक बुधवार को विवि में हिंदी एवं अन्य भारतीय भाषा विभाग के संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। इसमें उन्होंने अपनी इस योजना को साझा किया। इसके बाद कुलपति प्रो. संजय सिंह से मुलाकात कर फिल्म का प्रस्ताव रखा। इस पर कुलपति ने सहमति देते हुए उनके प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी।