भाजपा कार्यालय में सोमवार रात नशे में धुत एक शख्स घुस गया और वहां के प्लंबर से गाली गलौज करने लगा। विरोध पर लाइसेंसी पिस्टल निकालकर उस पर तान दी। इसी बीच पुलिसकर्मी वहां पहुंच गए और आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने शांतिभंग की कार्रवाई कर आरोपी को जेल भेजा। साथ ही पिस्टल जब्त कर संबंधित जिले के डीएम को शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की रिपोर्ट भेजी।
जानकीपुरम निवासी उदयभान भाजपा कार्यालय में प्लंबर का काम करते हैं। सोमवार रात करीब आठ बजे एक शख्स उनके पास पहुंचा। उसने अपना नाम दीपक कुमार तिवारी बताया। वह सुल्तानपुर के कूरेभार थाना क्षेत्र के टिकर गांव का रहने वाला है। आरोप है कि वह नशे में धुत था। उसने उदयभान से कहा कि वह अयोध्या से कुछ मूर्तियां लेकर आया है। वह उदयभान पर मूर्तियां खरीदने को लेकर दबाव बनाने लगा।
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उदयभान ने मना कर दिया, लेकिन वह पीछे पड़ा रहा। जब उदयभान ने विरोध किया तो वह गाली गलौज कर धमकी देने लगा। दोनों के बीच कहासुनी होने लगी। तभी किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। इसी दौरान दीपक ने अपनी लाइसेंसी पिस्टल निकालकर उदयभान पर तान दी।
गनीमत रही कि चौकी इंचार्ज निशा सिंह अन्य पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गईं। उन्होंने आरोपी को तुरंत हिरासत में ले लिया। हजरतगंज इंस्पेक्टर विक्रम सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया कि आरोपी दीपक कुमार सुल्तानपुर के एक निजी डिग्री कॉलेज में लिपिक है। नशे में होने की वजह से उसने घटना कारित की। उस पर शांतिभंग के तहत कार्रवाई की गई।
वारदात से मची अफरातफरी
विवाद के दौरान मौके पर कई लोग इकट्ठा हो गए थे। वे मामला शांत कराने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन जैसे ही दीपक ने पिस्टल निकाली तो सभी पीछे हट गए। कार्यालय में अफरातफरी मच गई। हर किसी के मन में यही चल रहा था कि क्या किसी साजिश के तहत दीपक भाजपा कार्यालय पहुंचा है ? हालांकि, पुलिस ने गहनता से जांच की तो कोई साजिश सामने नहीं आई। नशेबाजी में ही घटना कारित करने के साक्ष्य मिले।