क्रिकेट वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल मैच में जैसे ही भारतीय टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी रन आउट हुए, बापू भवन की सातवीं मंजिल पर स्थित एक कमरे में मैच देख रहे सचिवालय के अनुसेवक (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) उमेश चंद्र जायसवाल (42) का दिल धक हो गया।
इसके बाद एक के बाद एक विकेट गिरते चले गए। कमरे में टीवी पर मैच देख रहे सभी लोग निराश हो गए। उमेश चुपचाप उठा और खुद को टॉयलेट में बंद कर लिया। इसके बाद टॉयलेट की खिड़की से उमेश ने छलांग लगा दी। नीचे गिरते ही उसका सिर फट गया और चारों तरफ खून बिखर गया।
टीम इंडिया की हार से खामोश बापू भवन में अचानक शोर-शराबा होने लगा। सूचना पाकर आई पुलिस ने उमेश के पास से मिले परिचयपत्र से पहचान की। रिश्तेदारों का कहना है कि उमेश ने टीम इंडिया की जीत पर बड़ा दांव लगाया था। सट्टा हारने पर उसने आत्महत्या कर ली। हुसैनगंज थाना प्रभारी शिवशंकर सिंह ने कहा कि उमेश के सट्टेबाजी में रुपया लगाने की बात पता चली है। छानबीन की जा रही है।
सचिवालय कर्मचारी संघ के अध्यक्ष यादवेंद्र मिश्रा ने बताया कि बापू भवन के सभी कर्मचारी टीवी पर क्रिकेट मैच देख रहे थे। तभी इमारत के पिछले हिस्से में शोरगुल होने लगा। कर्मचारी अपने कमरों से निकले तो बिल्डिंग के बीच सीढ़ियों वाली जगह पर एक युवक का लहूलुहान शव पड़ा पाया। सूचना पर हुसैनगंज थाना प्रभारी शिवशंकर सिंह पहुंचे। उमेश के पास मिले पहचानपत्र से उसकी शिनाख्त हुई।
आधे घंटे बाद हुई पहचान
पहचानपत्र में उमेश की तैनाती मीराबाई मार्ग स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस में लिखी है। पुलिस को उसकी जेब से दो कागज मिले। इसमें से एक में उसके भांजे दीपक का नाम व मोबाइल नंबर लिखा था। दूसरे कागज में अलग-अलग कई नंबर लिखे थे। फोन नंबरों पर संपर्क करने पर उमेश के परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए।
पहचानपत्र में उमेश की तैनाती मीराबाई मार्ग स्थित वीआईपी गेस्ट हाउस में लिखी है। पुलिस को उसकी जेब से दो कागज मिले। इसमें से एक में उसके भांजे दीपक का नाम व मोबाइल नंबर लिखा था। दूसरे कागज में अलग-अलग कई नंबर लिखे थे। फोन नंबरों पर संपर्क करने पर उमेश के परिवार के सदस्य मौके पर पहुंच गए।
इस बीच कर्मचारियों के बीच चर्चा शुरू हो गई कि उमेश ने भारत की जीत पर मोटी रकम लगा रखी थी। सट्टा हारने के कारण उसने आत्महत्या कर ली। हालांकि थाना प्रभारी का कहना है कि इसका कोई प्रमाण अब तक नहीं मिल सका है। उनके मुताबिक, उमेश ने पारिवारिक तनाव में खुदकुशी की है। इसे लेकर परिवार के सदस्यों से पूछताछ की जा रही है।
सुबह हुआ था पत्नी से झगड़ा
एसओ ने बताया कि उमेश हुसैनगंज के पासी टोला का रहने वाला था। परिवार में पत्नी सरोज देवी, बेटी शिवानी (17), अंजली (15), राहुल (12) और अंशू (10) हैं। उमेश शराब का लती था, जिसके चलते रोजाना पत्नी से झगड़ा होता था। बृहस्पतिवार सुबह घर से निकलने से पहले भी उसका पत्नी से झगड़ा हुआ और वह नाश्ता किए बगैर ऑफिस चला गया था।
उमेश की मौत की खबर सुनकर मॉर्च्युरी पहुंचे उसके ससुर कल्लू ने बताया कि वह जुआ-सट्टा नहीं खेलता था, लेकिन शराब का लती था। उसने बताया कि उमेश आठ-आठ महीने ड्यूटी पर नहीं जाता था। उसकी नशे में झगड़ा करने की भी कई शिकायतें थीं। उमेश के परिचित व नगर विकास विभाग में अनुसेवक यादगार अहमद सिद्दीकी ने कहा कि वह चार-पांच दिन से काफी तनाव में था।
पांच दिन पहले यादगार की उमेश से ठीक उसी जगह मुलाकात हुई थी, जहां बृहस्पतिवार को उसकी लाश पड़ी थी। यादगार ने बताया कि उमेश को देखकर उन्होंने उसे बातचीत करने के लिए रोका, लेकिन वह उसकी बात सुने बगैर चला गया।