लखनऊ। पारा निवासी युवती ने खुद को बलरामपुर अस्पताल का डॉक्टर बताने वाले नर नारायण उपाध्याय व उसकी पत्नी गिरजा पर स्वास्थ्य विभाग में बाबू की नौकरी लगवाने के नाम पर 10.30 लाख रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। डॉक्टर व उसके तीन अज्ञात साथियों पर युवती से छेड़छाड़ करने का भी आरोप है। मामले में पारा पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
युवती के मुताबिक नवंबर 2020 में बलरामपुर अस्पताल में उनकी मुलाकात आरोपी डॉक्टर से हुई थी। आरोपी ने उनकी नौकरी लगवाने की बात कही थी। इसके बदले में उसने दस लाख की मांग की थी। पीड़िता ने तीन लाख डॉक्टर की पत्नी के खाते में ट्रांसफर किए थे, जबकि 7.10 लाख नकद डॉक्टर को नकद दिए थे। पीड़िता ने पूरा भुगतान दो मई 2022 तक किया था, लेकिन उनकी नौकरी नहीं लगी।
दबाव बनाने पर आरोपी ने उन्हें बीते आठ जून को मिलने बुलाया। पीड़िता जब पहुंची तो आरोपी व उसके तीन साथियों ने उनसे छेड़छाड़ की फिर तमंचा लहराते हुए सभी भाग निकले। आरोप है आरोपी ने नर नारायण ने खुद को पीजीआई का भी डॉक्टर बताया था।
इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के मुताबिक मामले की विवेचना चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु के मुताबिक नर नारायण नाम का कोईडॉक्टर अस्पताल में न तो पूर्व में कार्यरत था और न वर्तमान में है।