रामजन्मभूमि क्षेत्र में गुरुवार देर शाम संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक युवक को सुरक्षा कर्मियों ने पकड़कर थाना राम जन्मभूमि पुलिस के हवाले कर दिया। पकड़े गए युवक के पास से बांग्लादेश की आईडी मिलने पर हड़कंप मच गया। पूछताछ में पता चला कि अयोध्या आने से पहले युवक मथुरा व वृंदावन भी गया था। पुलिस ने युवक को विदेशी अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है।
एक युवक गुरुवार शाम रामजन्मभूमि परिसर से सटे राम गुलेला क्षेत्र में संदिग्ध रूप में टहलते हुए देखा गया। श्रीराम जन्मभूमि परिसर के सुरक्षाकर्मियों ने संदेह होने पर युवक को पकड़कर राम जन्मभूमि थाना पुलिस के हवाले कर दिया। जिसके बाद सुरक्षा व खुफिया एजेंसियों ने युवक से घंटों पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान युवक के पास से बांग्लादेश की एक आईडी मिली। संदिग्ध युवक की पहचान अनिवेश चंद्र दास पुत्र दुलालचंद निवासी ग्राम चरहोगला थाना मेंहदीगंज जिला भारीवाल बांग्लादेश के रूप में हुई है। कई साल पहले फर्जी तरीके से यह भारत आ गया था। इसके पास से कोई वैध कागजात नहीं मिला है। पकड़े गए व्यक्ति के पास से बांग्ला भाषा में एक धार्मिक पुस्तक भी बरामद हुई है। पकड़ा गया संदिग्ध हिंदी बोलने में निपुण है, लेकिन वह हिंदी पढ़ नहीं सकता और न ही हिंदी लिख सकता है।
सीओ खुफिया बीएम तिवारी ने बताया कि पूछताछ में पता चला है कि युवक कई साल पहले भारत आ गया था। यहीं चोरी छिपे रह रहा था। अयोध्या आने से पहले वह मथुरा व वृंदावन भी गया था। जिसके बाद अयोध्या आया था। कहा कि उसके पास से कोई संदिग्ध वस्तु या सूचना नहीं मिली है। किसी भी प्रकार का वैध कागजात न मिलने के कारण युवक के विरुद्ध विदेशी अधिनियम सहित धोखाधड़ी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए जेल भेज दिया गया है।
लंबे समय से भारत में छुपकर रह रहा था बांग्लादेशी
बांग्लादेशी मूल के पकड़े गए संदिग्ध को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पकड़ा गया बांग्लादेशी युवक लंबे समय से भारत में अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। पता चला कि वह कई सालों पहले बांग्लादेश से चोरी छुपे भारत पहुंचा था और दिल्ली सहित मथुरा में भी वह लंबे समय तक रहा। उसके पास से दिल्ली और मथुरा के पते के दो आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं।