पुलिस के मुताबिक पूछताछ में ग्राम प्रधान ने बताया कि परिवारी की एक महिला से रामू के मोलजोल को लेकर बदनामी हो रही थी। विरोध करने पर भी रामू नहीं माना तो ग्राम प्रधान ने भाई व अन्य लोगों की मदद से उसकी खेत में हत्या कर दी। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दस हजार का इनाम देने की घोषणा की। एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को दस हजार का इनाम देने की घोषणा की।
एसपी ने बताया कि जहां पर रामू का शव मिला था वहां करीब एक साल पहले धान काटने वाली मशीन से एक सांप (नाग) दो भागों में कट गया था। ग्रामीणों का कहना है कि कटने के बाद भी दो दिन तक उसके टुकड़ों में जान थी।
अंधविश्वास के चलते कुछ लोगों ने यह कहना शुरू कर दिया दो दिन तक सांप को देखने वालों पर नागिन हमला करेगी। इसके चलते आरोपियों ने हत्या के बाद रामू का शव सर्प के कटने वाले स्थान पर ही फेंका। इसके चलते लोगों में सर्पदंश से रामू की मौत होने का शक गहराया।
उधर ग्राम प्रधान विजेन्द्र शुक्ला हत्या की घटना को छिपाने के लिए सर्पदंश की कहानी को हवा देने लगा। वह रामू के शव का जल्द अंतिम संस्कार कराने की तैयारी में जुट गया। रामू के गले में निशान देखने के बाद उसके भाई श्यामू ने पुलिस को सूचना दी और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हत्या की पुष्टि हुई। छानबीन के बाद पुलिस ने अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।