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भयावह: ऑक्सीजन सपोर्ट पर बच्चे को लिए सीतापुर से लखनऊ तक भटकता रहा पिता, दलालों के हत्थे चढ़ा

Mon, 19 Sep 2022 10:36 AM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

एक पिता अपने 11 माह के बच्चे को गोद में लेकर नंगे पांव ट्रॉमा सेंटर के कैजुएल्टी से बाल रोग विभाग के चक्कर लगाता रहा। कहीं बेड नहीं मिला। आखिर दलाल के हत्थे चढ़ गया।
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बच्चे को गोद में लेकर जाता पिता। - फोटो : amar ujala
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ये तस्वीर है उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान की जहां एक पिता 11 माह के बच्चे को नंगे पांव गोद में लिए केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर के कैजुअल्टी से लेकर बाल रोग विभाग तक चक्कर लगाता है। हर जगह टका सा जवाब मिला-बेड नहीं है। वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत है। लोहिया संस्थान या दूसरी जगह ले जाओ।

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मायूस पिता दलाल के हत्थे चढ़ गया जो उसे निजी अस्पताल ले गया। सीतापुर रेउसा ब्लॉक के रहने वाले रजित राम कश्यप के बेटे को आंतरिक रक्तस्राव हो रहा था। पहले सीतापुर के एक निजी अस्पताल में ले गए। हालत गंभीर होने पर वहां से डॉक्टर ने ऑक्सीजन सपोर्ट देकर बच्चे को इलाज के लिए केजीएमयू भेज दिया। रजित राम को क्या पता था कि उनके बच्चे को इतने बड़े संस्थान में इलाज नहीं मिल पाएगा। 

ट्रॉमा सेंटर के सीएमएस डॉ. संदीप सफाई देते हैं, ऐसा संभव नहीं है कि बच्चे को प्राथमिक इलाज न मिला हो। पर, उनका दूसरा वाक्य होता है- ट्रॉमा में मरीजों का बहुत लोड है। हमेशा बेड-वेंटिलेटर फुल रहते हैं।

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