गोमतीनगर स्थित लोहिया संस्थान की इमरजेंसी में शुक्रवार सुबह मरीज सभाजीत सिंह (80) की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। वर्दीधारी पुलिसवाले तीमारदार ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाकर बेल्ट से हमला कर दिया।
इस पर डॉक्टर, नर्स व स्टाफ इमरजेंसी से भाग निकले और खुद को एक कमरे में बंद करके जान बचाई। करीब आधा घंटे चले हंगामे के बाद वर्दीधारी तीमारदार अपने मरीज का शव लेकर चला गया।
जानकारी के मुताबिक, मरीज का इलाज काफी समय से संस्थान के गैस्ट्रो मेडिसिन विभाग में चल रहा था।
लोहिया संस्थान प्रशासन के मुताबिक, न्यूरो व सांस संबंधी समस्या के बाद परिवारीजन सुबह साढ़े पांच बजे सभाजीत सिंह को गाड़ी (यूपी 32 डीजे 3100) से अस्पताल लेकर आए थे।
इमरजेंसी में डॉ. सौरव शुक्ला, डॉ. प्रदीप शुक्ला ने टेस्ट करने के बाद मरीज को मृत घोषित कर दिया। इससे गुस्साए पुलिस की वर्दी में आए तीमारदार ने गाली देते हुए बेल्ट से डॉक्टर, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ पर हमला कर दिया।
नर्स व सिस्टर ने खुद को कमरे में बंद किया
नर्स व नर्सेज संघ के पदाधिकारी अनुग्रह डीन, सिस्टर रश्मि, कर्मचारी नेता रणजीत सिंह यादव और स्वीपर सुमन मौके भाग निकले और खुद को कमरे में बंद कर लिया। इस पर वर्दीधारी तीमारदार ने ट्रीटमेंट रूम का शीशा तोड़ दिया।
अन्य मरीजों के तीमारदारों ने गेट बंद किया तो वर्दीधारी तीमारदार सभी को धमकाने लगा। डरे सहमे तीमारदारों ने गेट खोल दिया। थोड़ी देर बाद पहुंचे दूसरे तीमारदारों ने समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। सुबह करीब छह बजे हंगामा और बवाल के बाद परिवारीजन शव लेकर घर चले गए।
तीमारदारों ने रिकॉर्ड की हरकत
इमरजेंसी वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदारों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, लेकिन पुलिस वाले ने धमकी देते हुए वीडियो डिलीट करवा दिया। एक तीमारदार ने घटना का पूरा वीडियो छुपकर रिकॉर्ड किया। इसे संस्थान प्रशासन ने अपने पास रख लिया है।
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
सूचना पर संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुब्रत चंद्रा और इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सचिन अवस्थी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक तीमारदार जा चुके थे। वहीं, पुलिस ने लिखित शिकायत मिलने के बाद कार्रवाई की बात कही है।
दर्ज होगी एफआईआर
इस पर लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. दीपक मालवीय का कहना है कि मरीज को इमरजेंसी में मृत अवस्था में लाया गया था।
डॉक्टरों ने पूरी कोशिश की लेकिन, वर्दीधारी तीमारदार लापरवाही का आरोप लगाते हुए तोड़फोड़ करने लगा। मरीज का पूरा डाटा निकालने के बाद संबंधित तीमारदार पर एफआईआर कराई जाएगी। इस तरह का उपद्रव बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।