मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के मेगा ड्रीम प्रोजेक्ट लॉयन सफारी में शनिवार को दो शावकों के जन्म से मिली खुशी अगले ही दिन काफूर हो गई। शेरनी हीर से जन्में दो शावकों में से एक ने दम तोड़ दिया। शावक की मौत पर फिलहाल आला अफसरों ने चुप्पी साधे रखी है। सूत्रों की मानें दूसरे शावक की भी स्थिति गंभीर है।
अधिकारियों की ओर से रविवार देर रात तक शावकों की मौत की पुष्टि नहीं की गई। अधिकारियों ने पूरे मामले से प्रदेश के जंतु उद्यान राज्यमंत्री को भी अंधेरे में रखा। उन्हें भी सही स्थिति के बारे में जानकारी नहीं दी। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शावक की मौत पैदा होने के बाद हुई या वह मृत ही पैदा हुआ था।
हीर और उसके दोनों शावकों पर जन्म के बाद से ही सीसीटीवी से नजर रखी जा रही थी। इनमें से एक में पैदा होने के बाद मूवमेंट दिखाई पड़ रहा था, जबकि दूसरे में हकरत नहीं हो रही थी। फ्रेंडली कीपर के अलावा किसी और को पास जाने की अनुमति नहीं दी गई थी। उससे जुड़े सूत्र ने बताया कि जन्म के बाद से ही एक शावक की मौत हो चुकी है। शेरनी हीर को अप्रैल 2013 में लखनऊ में जू लाया गया था।