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अमिताभ ठाकुर ने रेप केस को बताया झूठा,सौंपे सुबूत

Mon, 20 Jul 2015 08:39 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
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निलंबित आईपीएस अफसर अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर रविवार को दुष्कर्म के मामले में बयान दर्ज कराने व प्रार्थना पत्र देने सीओ गोमती नगर सत्यसेन यादव के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने 11 पेज का प्रार्थना पत्र सौंपा और रेप केस को झूठा बताया।
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ठाकुर ने बताया कि षड्यंत्र के तहत उन पर रेप का केस दर्ज कराया गया है। इसके पीछे खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति, राज्य महिला आयोग अध्यक्ष जरीना उस्मानी, सदस्य अशोक पांडेय और कुछ पुलिसवालों का हाथ है। कहा- दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला को मोहरा बनाया जा रहा है।

प्रजापति के खिलाफ नूतन ठाकुर के लोकायुक्त परिवाद के बाद यह शुरू हुआ और सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव द्वारा दी गई धमकी सार्वजनिक करने के बाद इसमें अचानक तेजी आई।
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गौरतलब है कि सपा सुप्रीमो के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाले अमिताभ ठाकु़र के निलंबन के बाद उन पर विजिलेंस का शिकंजा भी कस गया है। शुक्रवार को आईजी कार्मिक बीपी जोगदंड ने ठाकुर से 19 जुलाई तक चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा मांगा है।

ठाकुर ने इन सवालों के मांगे जवाब

अमिताभ ठाकुर ने अपने बचाव में दलील देते हुए पूछा कि महिला की फर्जी कहानी में यह भी नहीं बताया गया कि नूतन गाजियाबाद कब गईं थीं? उस महिला से मुलाकात कब और कहां हुई? किस कथित नेता के माध्यम से हुई?

उस महिला ने नौकरी दिलाने की बात इतनी आसानी से क्यों स्वीकार कर ली? साथ ही कहा कि महिला के पति सपा के सक्रिय सदस्य हैं और प्रजापति के खास माने जाने वाले विकास वर्मा के लगातार संपर्क में रहते हैं।

पुलिस पहले ही आरोपों को बता चुकी है झूठा
गोमतीनगर थाने के एसएसआई रामराज कुशवाहा ने 21 मई 2015 को सीजेएम कोर्ट लखनऊ में आख्या प्रेषित की थी। इसका जिक्र करते हुये अमिताभ ठाकुर ने बताया कि इसमें बताया गया था कि महिला के दोनों मोबाइल नंबर का लोकेशन 31 दिसंबर 2014 को गोमतीनगर क्षेत्र में कहीं भी नहीं पाया गया था।

यहां से दस किलोमीटर दूर नाका हिंडोला अथवा चारबाग में ही लोकेशन मिली और अमिताभ ठाकुर द्वारा जबरदस्ती अकेला पाकर संबंध बनाने की बात को असत्य और मनगढ़ंत बताया गया था।

उन्होंने सवाल उठाया कि अचानक गोमतीनगर थाने में उनके खिलाफ मुकदमा कैसे और किसके कहने पर दर्ज किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए। कुशवाहा मान चुके हैं कि महिला उस दिन न तो गोमतीनगर थाने गई थी और न ही किसी को अपना प्रार्थना पत्र सौंपा था।

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महिला को घर ले जाने पर आपत्ति

अमिताभ ने महिला के 164 के बयान कराने से पहले ही उनका घर दिखाए जाने पर आपत्ति जताई। सवाल किया कि महिला आयोग की तरफ से मेडिकल पहले क्यों नहीं कराया गया? उन्होंने सीओ गोमतीनगर को सौंपे प्रार्थना पत्र के बिंदुओं पर जांच कराने का आग्रह किया।

खेमका व चतुर्वेदी का समर्थन मिला
अमिताभ ठाकुर ने बताया कि हरियाणा के आईएफएस संजीव चतुर्वेदी व आईएएस अशोक खेमका ने मेरा समर्थन किया है। दोनों ने शनिवार की शाम को फोन कर कहा कि वे सच की लड़ाई में हमारे साथ हैं।
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