सूचना पाकर आए परिवारीजनों ने बताया कि आरती की शादी नहीं हुई है। उसके परिवार की आर्थिक स्थित बहुत खराब है। शादी के लिए कई रिश्ते आए, लेकिन दान-दहेज की वजह से मामला नहीं बना। देर रात तक आरती के करीबी उसे व परिवारीजनों को समझाने का प्रयास कर रहे थे।
प्रभारी निरीक्षक ने कहा कि अगर पीड़िता कोई शिकायत करती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। आरती ने बताया कि उसके पिता दत्तात्रेय मिश्रा सचिवालय में बतौर सेक्शन अफसर तैनात थे। करीब छह साल पहले उन्होंने खुदकुशी कर ली थी। उनकी मौत के बाद से पूरा परिवार बिखर गया।
सांड के हमले में घायल हो गई थी मां
आरती ने बताया कि उसकी मां प्रेमलता मिश्रा की हालत काफी गंभीर है। कुछ दिन पहले सांड के हमले में वह बुरी तरह से घायल हो गई थीं। उनके पेट में गहरा घाव है। उन्हें अच्छे इलाज की जरूरत है जबकि भाई गंभीरता से उपचार नहीं करा रहा है।
युवक ने डॉक्टर दोस्त को बुलाकर की मदद
आरती को नदी से निकालने के बाद मददगार गायब हो गया तो आसपास मौजूद लोग आगे आ गए। आशुतोष उपाध्याय नाम के युवक ने दिल्ली से आई अपनी डॉक्टर दोस्त मोनिका दुबे को फोन कर बुलवाया। डॉ. मोनिका ने आरती के पेट से पानी निकाला।