लखनऊ। काकोरी के बहरू गांव में श्रमिक, पलेहंदा गांव में चौकीदार और ठाकुरगंज के हैदरगंज में युवती ने फंदा लगाकर जान दे दी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
मूलरूप से उन्नाव के आसीवन के गौरा गांव निवासी श्रमिक रामबालक सैनी (44) 15 वर्ष से काकोरी के बहरू गांव में रह रहे थे। वह शराब के आदी थे और घर में अक्सर विवाद होता था। बृहस्पतिवार सुबह ग्रामीणों ने उन्हें पंचायत भवन के पीछे पेड़ से बिजली के केबल के सहारे लटका देखा। परिवार में पत्नी साधना देवी और दो बेटे हैं। आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है।
वहीं, उन्नाव के निजामखेड़ा निवासी राजेश गौतम (38) ने भी बृहस्पतिवार को फंदा लगाया। वह एक्सप्रेसवे के पास राजेंद्र फार्म में चौकीदारी करते थे। वह काकोरी के पलेहंदा गांव में ममेरे ससुर के घर आए थे। पत्नी पूनम का कहना है कि राजेश उनके व ससुर के साथ गाली-गलौज की और घर से निकल गए। घर से 100 मीटर दूर बाग में उन्होंने रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। इंस्पेक्टर सतीश चंद्र राठौर ने बताया कि राजेश की हरकतों से परेशान पूनम पिछले नौ माह से मामा के घर रह रही थीं। परिजनों के अनुसार राजेश पहले भी कई बार आत्महत्या का प्रयास कर चुके थे।
इसके अलावा ठाकुरगंज के हैदरगंज निवासी पूजा पाल (22) की शादी 25 फरवरी को तालकटोरा के सरीपुरा निवासी निजी स्कूल में शिक्षक मुकेश से हुई थी। वह बीए फाइनल की परीक्षा देने के लिए एक महीने से मायके में रह रही थी। बुधवार दोपहर घर पर अकेली होने पर उन्होंने पंखे से साड़ी के सहारे फंदा लगा लिया। भाई अमन ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। रिंग रोड चौकी प्रभारी नीरज सिंह ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारण का भी पता नहीं चल सका है।