नूरी के परिवारीजनों का कहना है कि वह जिस स्कूटी से निकली थी, वह लापता है। उसका मोबाइल फोन और अंगूठियां भी गायब हैं। परिवारीजनों का कहना है कि नूरी किसी का फोन आने के बाद घर से निकली थी या फिर घर से निकलने के बाद उसे किसी ने बहाने से मिलने के लिए बुलाया और मलिहाबाद ले जाकर हत्या कर दी। हत्यारे उसकी स्कूटी व जेवर ले गए होंगे। उसकी हत्या का राज मोबाइल फोन से खुल सकता है।
पिटाई के बाद धारदार हथियार से रेती थी गर्दन
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, हत्यारों ने नूरी की पिटाई की, फिर धारदार हथियार से गर्दन रेत दी। उसकी गर्दन पर 22 सेंटीमीटर लंबा घाव है। माथे और दाईं कनपटी में दो चोटें पाई गई हैं। दाईं कलाई पर कट के करीब 15 निशान हैं जो पुराने हैं।
परिवारीजनों ने बताया कि नूरी ने गुस्से में कई बार खुद ही अपने हाथ की नस काटकर खुदकुशी की कोशिश की थी। उसका दायां हाथ कटा हुआ था। पोस्टमार्टम के विशेषज्ञों का कहना था कि किसी जानवर ने शव नोंचा है, जिससे हाथ कट गया।
पुलिस को नूरी का शव रेलवे स्टेशन और फरीदीपुर गांव के बीच ट्रैक पर मिला था जबकि चप्पल करीब 50 मीटर दूर स्थित आसिफ के बाग में मिली थी। चप्पल के पास ही खून पड़ा पाया गया। हालांकि, हत्यारे ने खून पर मिट्टी डालकर उसे छिपाने की कोशिश की थी। जिस जगह खून मिला, वहां से नूरी को ट्रैक तक घसीटकर ले जाने के निशान मिले हैं।
पुलिस का शक है कि हत्यारे ने नूरी की हत्या को खुदकुशी का रूप देने की कोशिश की होगी। हत्या के बाद वह दुपट्टे से शव खींचकर उसे ट्रैक तक ले गया। शव की सूचना पुलिस को श्रमजीवी एक्सप्रेस के चालक ने दी थी।