लखनऊ। ऑनलाइन गेम के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले गिरोह का सर्विलांस और मलिहाबाद थाने की पुलिस ने राजफाश किया है। गिरोह के तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी ऑनलाइन गेम खेलने पर लाखों का मुनाफ कमाने का झांसा देते थे। गिरोह ने 34 लाख रुपये की ठगी की थी। साइबर क्राइम पोर्टल पर संदिग्ध बैंक खाते की जांच में गिरोह के बारे में पता चला।
एसीपी मलिहाबाद सुजीत कुमार दुबे के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपियों में काकोरी के खानमऊ निवासी सुमित कुमार, बहेरू निवासी छोटू मौर्य और कैंपबेल रोड निवासी अरबाज खान शामिल हैं। अरबाज के खिलाफ पहले भी रिपोर्ट दर्ज हुई थी। आरोपियों के पास तीन मोबाइल फोन, 1800 रुपये और स्कूटी बरामद हुई है। गिरोह के सरगना अल्फा व उसके अन्य साथियों के बारे में पता लगाया जा रहा है।
एसीपी ने बताया कि साइबर क्राइम पोर्टल पर एक बैंक खाते में बड़े पैमाने पर लेनदेन की सूचना मिली थी। सर्विलांस की मदद से छानबीन की गई तो पता चला कि सुमित के नाम से खोले गए बैंक खाते में रुपयों का लेनदेन किया जा रहा है। पुलिस ने सुमित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सुमित ने बताया कि उसका गिरोह है। वह टेलीग्राम व ऑनलाइन गेमिंग एप के जरिये लोगों को लिंक भेजते थे। आरोपी लोगों को गेम खेलने पर मोटी रकम कमाने का लालच देते थे। लोग लालच में रुपये ट्रांसफर कर देते थे। इसके बाद उस रकम को आरोपी अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर देते थे। पूछताछ के आधार पर पुलिस ने सुमित के दोनों साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह भाटी ने बताया कि सरगना के अलावा तीन अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आई है। आरोपियों के कनेक्शन कई राज्यों में फैले हैं। सरगना के पकड़े जाने के बाद गिरोह के बारे में पूरी जानकारी मिल सकेगी।
दो दिन में मंगाए थे 34 लाख रुपये
बैंक खाते की पड़ताल में पता चला कि सुमित के खाते में 14 और 15 मार्च को 34 लाख रुपये आए थे। गिरोह ठगी की रकम को डिजिटल करेंसी में बदल देते थे। सुमित के खाते में कई राज्यों से रकम भेजी गई है, जिसकी शिकायत साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज है। गिरोह में शामिल लोगों को उनका काम पहले ही बता दिया जाता था। आरोपियों के खिलाफ मलिहाबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज किया गया है।