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यूपीः पकड़ा गया विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों का फर्जीवाड़ा

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यूपी के बाराबंकी जिले में ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। यहां पर युवाओं को विदेश भेजने के नाम पर हो रही करोडों की डील को पुलिस ने ग्रामीणों की मदद लेकर बेनकाब किया।
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विदेश में नौकरी दिलाने का सब्जबाग दिखाकर बाराबंकी और उसके आसपास के 700 युवाओं से कई करोड़ ठग लिए गए। बुधवार को इस गिरोह का पर्दाफाश हुआ।

इस मामले में दो कबूतरबाजों को ग्रामीणों ने पकड़कर उन्हें जमकर पीटा फिर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के पास से 439 लोगों के पासपोर्ट भी बरामद किए हैं।

पुलिस की मानें तो आरोपी कबूतरबाज पासपोर्ट, वीजा और मेडिकल के नाम पर 80 हजार तक वसूलते थे। जिले में इतने बड़े कबूतरबाजी के रैकेट के खुलासे से खुफिया विभाग के होश उड़ गए है। खुफिया एजेंसियां इनके पूरे जाल को खंगाल रही हैं।
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मसौली थाना क्षेत्र के सुरसंडा गांव में बुधवार दोपहर ग्रामीणों ने यहीं के रहने वाले अब्दुल अजीज व सतरिख थाना क्षेत्र के सराय अकबराबाद गांव निवासी मोहम्मद अकील पुत्र मोहम्मद हुसैन को पकड़कर उनकी जमकर पिटाई कर दी। ग्रामीणों को इन पर शक था।

इस बीच पहुंच गई पुलिस

अचानक हुई इस पिटाई के बीच में ही पहुंची पुलिस ने दोनों आरोपियों को धर दबोचा। ग्रामीणों का आरोप है कि दोनों आरोपियों ने सात सौ से अधिक लोगों से विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब तीन करोड़ से भी ज्यादा रुपये की ठगी की है।

दोनों जालसाज अब्दुल अजीज व अकील करीब एक साल से भी ज्यादा समय से जालसाजी का कारोबार कर रहे थे। ये लोग ग्रामीण इलाकों के सीधे साधे नवयुवकों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर अपने जाल फंसाते और फिर उनसे 25 से 80 हजार वसूलते।

फिर गायब हो जाते। ठगी के शिकार युवक काफी दिनों से दोनों को तलाश कर रहे थे। बुधवार को जब यह सुरसंडा गांव पहुंचे तो लोगों को पता लगा तभी ग्रामीणों ने दोनों जालसाजों को धर दबोचा।

दोनों जालसाजों के पास पुलिस ने ४३९ पासपोर्ट व विदेश भेजने के नाम पर फर्जी तरीके से बनाए गए अन्य कागजात बरामद किए हैं। इनके पास अभी अन्य कई कागजात है जो पुलिस बरामद नहीं कर सकी है। अब पूछताछ के बाद ही अन्य कागजात व बातें पुलिस को पता लग सकेगी।

जालसाजी करने वाले आरोपी युवाओं को ओमान में संतनत आफ ओमान नाम की कंपनी में ड्राइवर, बटलर, चपरासी, बिजली मैकेनिक आदि नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करते थे। आरोपी लोगों को वहां पर वेतन का लंबा पैकेज दिलाने के नाम पर उनसे पैसा लेते थे और फिर कुछ दिन बाद गायब हो जाते थे। ज्यादा पैसों के लालच में ही लोग दोनों जालसाजों के चुंगल में फंसकर करोड़ों रुपये गवां बैठे है।

दोनों आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उन्होंने करीब ४२२ लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ५० लाख रुपये लिए हैं। जबकि ठगे गए लोग के हिसाब से ये रकम लगभग तीन करोड़ है। आरोपी इतनी सतर्कता से काम करते थे कि उन पर किसी को कोई शक नहीं होता था। फर्जी कंपनी के कागजात व अन्य सब्जबाग दिखाकर लोगों को गुमराह करते थे।
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सात सौ से भी अधिक लोग ठगे गए

विदेश जाने के नाम पर करीब सात सौ से भी अधिक लोग ठगी का शिकार हो चुके हैं। आरोपियों के पकड़े जाने के बाद मसौली थाने में मौजूद पीडि़त सफी निवासी आलापुर, नौशाद, मोहम्मद इरफान, रामनगर, इश्तियाक, गुड्डू, पीर मोहम्मद, अकील, कयूम खान, फरीद, नूर मोहम्मद निवासी जहांगीराबाद, वाजिद अली, निजामुद्दीन, कफील, अब्दुल रहमान आदि ने बताया कि  उनसे जालसाजों ने बीस से २५ हजार रुपये की ठगी की है और फिर संपर्क करना बंद कर दिया। युवकों ने इन सभी ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

दोनों जालसाजों ने पूछताछ में बताया है कि वह विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर जिनको ठगते थे उनका मेडिकल कराने के नाम पर भी १५ से २० हजार  व बीजा दिलाने के नाम पर ४० से ५० हजार रुपये लेते थे। इसके बाद भी कई अन्य तरह की बातेें बताकर लोगों से रुपये ऐंठने का काम किया जाता था।

दोनों आरोपियों ने बताया है कि उनके कुछ साथी लखनऊ व दिल्ली में हैं जो इस काम में उनकी मदद करते हैं। इस काम में उनके साथ परिवार व रिश्तेदार के कुछ लोग भी शामिल हैं। अब पुलिस इन सभी के बारे में भी पता लगा रही है।

इस मामले में प्रतिक्रिया देते हुए मसौली के थानाध्यक्ष राय‌सिंह ने कहा कि आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है। ठगी का यह लंबा गिरोह है और इनके सदस्य लखनऊ व दिल्ली में भी है। अब इस गिरोह के अन्य लोगों की भी पड़ताल की जा रही है। दोनों आरोपियों के पास से ४३९ पासपोर्ट बरामद हुए हैं। जांच में यह सभी पासपोर्ट सही निकले हैं।

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