केंद्र में भाजपा के सत्ता में आने के साथ ही जालसाज खुद को बड़े नेताओं का करीबी बता ठगी करने में जुट गए हैं। राजधानी में ही एक महीने के अंदर दूसरी घटना सामने आई है, जिसमें टिकट दिलाने के नाम पर लाखों वसूले गए।
पहले अमित शाह का भतीजा बता लाखों ऐंठने वाला हत्थे चढ़ा। वहीं, अब बुधवार को संघ का प्रचारक बता टिकट दिलाने वाले को विकासनगर पुलिस ने दबोचा है।
उसने आशियाना निवासी बिल्डर को उप चुनाव में लखनऊ पूरब सीट का टिकट दिलाने का झांसा देकर 40 लाख रुपये के साथ ही एक लैपटॉप व दो कीमती मोबाइल झटके थे। आरोपी के पास से 20 लाख रुपये नगद बरामद हुए हैं।
खुद को बताया अमित शाह व राम माधव का करीबी
मूलरूप से बिहार में सीवान के धरौंधा बालडीह निवासी लक्ष्मण पंडित राजधानी में अलीगंज सेक्टर-सात में पत्नी और तीन बच्चों के साथ किराए पर रहता है। एएसपी ट्रांसगोमती दिनेश यादव ने बताया कि लक्ष्मण पंडित पूजा-पाठ भी कराता है।
बीते वर्ष अक्तूबर में आशियाना निवासी रफ्तार रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के संचालक जगदत्त वर्मा से उसकी मुलाकात हुई। खुद को संघ प्रचारक बताते हुए पंडित ने अमित शाह, राम माधव, गौतम शाह और जेपी गौड़ा सहित भाजपा के कई बड़े नेताओं से व्यक्तिगत संबंध होने की बात कही।
पंडित की बातों में आए जगदत्त ने घर और दफ्तर में कई बार पूजा-पाठ कराया। संपर्क बढ़ने पर पंडित ने लखनऊ पूरब सीट पर होने वाले उप चुनाव में भाजपा से टिकट दिलाने का भरोसा दिलाया। इसके साथ ही भाजपा और संघ के नेताओं को देने के नाम पर बिल्डर से 50 लाख रुपये मांगे।
इस तरह आया पुलिस की गिरफ्त में
17 अगस्त को वर्मा ने पंडित को सात लाख, 18 अगस्त को 20 और 19 अगस्त को 12 लाख रुपये दिए। इसके बाद एक लाख रुपये, लैपटॉप व दो कीमती मोबाइल भी दिए। पंडित के कहने पर वर्मा ने 25 अगस्त को निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर नामांकन भी कर दिया। मंगलवार को उपचुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों की लिस्ट घोषित होने पर नाम गायब देख वर्मा ने पंडित को फोन किया।
ठगी का आरोप लगाते हुए रुपये वापस मांगते ही पंडित भड़क गया और गाली-गलौज करते हुए धमकाने लगा। इसके बाद वर्मा ने पुलिस से शिकायत की। विकासनगर पुलिस बुधवार सुबह से ही पंडित की तलाश में जुट गई।
दोपहर करीब एक बजे उसके कपूरथला चौराहा पर होने की जानकारी मिलते ही पुलिस वर्मा को लेकर मौके पर पहुंची और पंडित को दबोच लिया। आरोपी के पास से मिले बैग में 20 लाख रुपये, लैपटॉप, दो मोबाइल फोन बरामद हुए।
एएसपी ट्रांसगोमती ने बताया कि जगदत्त की तरफ से धोखाधड़ी की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर लक्ष्मण पंडित को गिरफ्तार कर लिया गया है। आशंका है कि पंडित ने कई और लोगों को भी ठगा है। देर रात तक उससे पूछताछ चल रही थी।
सीसीटीवी फुटेज में रुपये लेते दिखा पंडित
बिल्डर जगदत्त वर्मा के विकासनगर दीप प्लाजा स्थित ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। एएसपी ने बताया कि 18 अगस्त को वर्मा ने पंडित को ऑफिस बुलाकर 20 लाख रुपये दिए थे, जिसकी सीसीटीवी फुटेज मिल गई है।
कोर्ट में फुटेज साक्ष्य के तौर पर पेश की जाएगी। बताया कि पंडित के पास से मिली रुपये की गड्डियों पर वर्मा की कंपनी की मुहर व हस्ताक्षर हैं।
पंडित के दो बैंक अकाउंट भी मिले हैं। कोटक बैंक में 2,43,000 रुपये और इंडस इंड बैंक में 1,31,000 रुपये हैं। एएसपी ट्रांस गोमती ने दोनों अकाउंट सीज करने के निर्देश दिए हैं।