कानपुर से लखनऊ आ रही रोडवेज की बस रविवार को बंथरा में आग की लपटों में घिर गई। पैसेंजर चीखने-चिल्लाने लगे। ड्राइवर ने बस को सड़क किनारे लगाया। लपटों से घिरी बस के शीशों को लाठी-डंडों से तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाला गया, जिससे यात्रियों को चोटें भी आईं। बस में कुल 48 यात्री थे। परिवहन अधिकारियों के मुताबिक सेल्फ के स्विच में शॉर्ट सर्किट होने की वजह से बस में आग लगी थी।
मामला बंथरा का है। आजादनगर डिपो की बस संख्या यूपी-77 टी 4386 कानपुर के झकरकटी से रविवार सुबह करीब ग्यारह बजे रवाना हुई थी। बस में कुल 48 सवारियां थीं। बस के चारबाग पहुंचने से पहले ही बंथरा में दोपहर एक बजे के आसपास आग लग गई। इंजन से उठी आग को देखकर यात्रियों केहोश उड़ गए। हड़कम्प मच गया और पैसेंजर इधर-उधर भागने की फिराक में लग गए। इसी बीच ड्राइवर ने आनन फानन बस को सड़क किनारे खड़ा कर दिया। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने बस के शीशे तोड़कर यात्रियों को बाहर निकाले गए। बस से धुआं निकलता देख लोगों ने दमकल विभाग एवं पुलिस को घटना की जानकारी दी। लेकिन दमकल कर्मी मौके पर पहुंचते इससे पहले ही स्थानीय लोगो ने आग पर काबू पा लिया। इस हादसे में कोई घायल नहीं हुआ। बता दें कि अभी ग्यारह दिन पहले ही फैजाबाद रोड पर कैसरबाग डिपो की बस संख्या 32 एमएन 9181 में आग लग गई थी, जिसमें 36 सवारियां थीं।
डिफेंस कैरियर अकादमी के छात्रों ने यात्रियों को निकाला बाहर
बंथरा के गढ़ी चुनौटी स्थित डिफेंस कैरियर आकदमी के छात्र बंथरा बाजार खरीदारी करने आए थे। इसी दौरान उनकी नजर बस पर पड़ी तो करीब दो दर्जन छात्रों ने बस के शीशे तोड़कर सवारियों को बाहर निकालना शुरू किया और दमकल वाहन के मौके पर पहुंचने से पहले ही आग पर काबू पा लिया।
सेल्फ के स्विच शॉर्ट होने से लगी आग
परिवहन निगम के प्रधान प्रबंधक, टेकभनीकल अजीत कुमार सिंह ने बताया कि हादसे की सूचना पर एआरएम आलमबाग बालराज सिंह सहित सहायक यात्री निरीक्षक रूपेश कुमार, प्रभारी सीनियर फोरमैन राजकमल मौके पर पहुंचे। बस का बोनट चेक किया गया। जहां सेल्फ का स्विच शॉर्ट पाया गया, जिसकी वजह से स्पार्किंग हुई और बस में आग लग गई। यात्रियों को शीशे तोड़कर बाहर निकाला गया।
...इसलिए होते हैं बस में हादसे
परिवहन निगम की जर्जर बसें यात्रियों के लिए मुसीबत बनी हुई हैं। बसों में ड्राइवर और कंडक्टर अक्सर वायरिंग से छेड़छाड़ करते हैं। चूंकि बसें काफी सेंसेटिव होती हैं, इसलिए वायरिंग में छेड़छाड़ से आग लग जाती है और हादसे हो जाते हैं। पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक दिवंगत पल्लव कुमार बोस ने जनरथ बसों में वायरिंग से छेड़छाड़ करने पर पूरी तरह से रोक लगाई थी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए थे कि अगर वातानुकूलित बसों में आग लगती है और इसमें वायरिंग से छेड़छाड़ की बात सामने आती है तो चालक परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी।
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पहले भी बसों में लग चुकी है आग
-28 नवम्बर, 2022 को फैजाबाद रोड पर एसी जनरथ बस में आग लग गई थी, बस में 36 पैसेंजर थे।
-11 सितम्बर, 2022 को दुबग्गा चौराहे पर सिटी बस में भयंकर आग लग गई थी। ड्राइवर की सूझबूझ से यात्रियों की जान बच सकी थी।
-14 नवम्बर, 2022 को आगरा एक्सप्रेस वे पर नेपाल जा रही बस में आग लग गई थी, 17 मजदूरों ने बस से कूदकर जान बचाई थी।
-15 मार्च, 2022 को लोहिया पथ पर रोडवेज की बस में आग लग गई थी, जिसमें 21 लोगों की जान बच गई थी।
-16 मई, 2021 को आगरा एक्सप्रेस वे पर बस केपहिए में आग लगी थी। बस दिल्ली से नेपाल बॉर्डर जा रहे थे, जिसमें 95 यात्री थे।
-13 दिसम्बर, 2021 को आगरा एक्सप्रेस वे पर बिहार जा रही एक टूरिस्ट बस में आग लग गई। बस में 75 यात्री थे, जिन्होंने बस से कूदकद अपनी जान बचाई।
-9 सितम्बर, 2021 को अवध डिपो की वर्कशॉप में फिटनेस के लिए आई एसी जनरथ बस में आग गई थी।
-30 नवम्बर, 2020 को साहिबाबाद डिपो की बस लखनऊ की ओर आ रही थी। रास्ते में मकरी गांव के पास बस में आग लग गई। 52 यात्री बस में थे।
-7 जनवरी, 2019 को गोंडा जा रही रोडवेज बस संख्या यूपी 34 एडी 7279 लोहिया पथ पर धूं धूं कर जलने लगी। बस में 19 यात्री थे।