स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा का कहना है कि टीकाकरण विभाग की प्राथमिकता में है। जिन जिलों में कम टीकाकरण हुआ है, उनकी विशेष निगरानी की जा रही है। कारणों की पड़ताल कर वर्ष 2023-24 के लक्ष्य को प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है।
- कब-कब कौन सा टीकाजन्म से एक माह तक बीसीजी (टीबी से बचाव)
- जन्म से 24 घंटे के अंदर हेपेटाइटिस बी
- छह, 10, 14 सप्ताह तक ओपीवी (पोलियो)
- छह व 10, 14 सप्ताह पर रोटा वायरस (पेट में संक्रमण)
- छह व 10, 14 सप्ताह पेंटावेलेंट (गलघोटूं, काली खांसी, टेटनेस, हेपेटाइटिस बी, हिमोफिलस इन्फ्लुएंजा)
- छह व 14 सप्ताह और नौ माह पर- आईपीवी (पोलियो)
- छह व 14 सप्ताह और नौ माह पर- पीसीवी (निमोनिया)
- नौ माह व 12 माह मिजल्स- रूबेला (खसरा व रूबेला)
- नौ माह व 12 माह- जेई (जापानी इंसेफेलाइटिस)
- नौ माह व माह 12 माह- विटामिन ए।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ
लोहिया संस्थान के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. केके यादव का कहना है कि बच्चे के पैदा होने से लेकर एक साल तक सभी टीके नियमित रूप से लगवाने चाहिए। इन टीकों के लगने के बाद बच्चों में संबंधित बीमारियां के होने की आशंका न के बराबर हो जाती हैं।