फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मासूम के मुंह में कपड़ा ठूंसा, हाथ-पैर बांध टोकरी में छिपाया, 30 लाख की फिरौती मांगी

Mon, 04 Dec 2017 03:59 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
अपहरणकर्ताओं ने इसी टोकरी में छिपाया था बच्चे को - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
लखनऊ के नगराम थाना क्षेत्र के डोरिया में युवक ने शनिवार शाम मंदिर के पास खेल रहे मासूम को एक किशोर की मदद से अगवा किया। मुंह में कपड़ा ठूंसने के साथ हाथ-पांव बांधे। फल के टोकरे में बंद करके पुलिया के नीचे छिपा दिया। इसके बाद पिता को फोन कर 30 लाख रुपये की फिरौती मांगी।
विज्ञापन


अपहरण की सूचना हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों को साथ लेकर पुलिस ने तलाश शुरू की। पुलिया के नीचे चप्पल नजर आई। तलाशने पर टोकरी में बच्चा मिला, उसे बंधन मुक्त करने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को धरदबोचा।

एसओ नगराम संतोष कुमार सिंह ने बताया कि डोरिया के बजरंग रावत का इकलौता बेटा विकास (5) शनिवार शाम गांव के बाहर मंदिर के पास खेलने के दौरान लापता हो गया। देर शाम तक उसके घर न लौटने पर परिवारीजनों ने तलाश शुरू की। इस बीच अज्ञात व्यक्ति ने स्थानीय निवासी रामदेव को कॉल करके विकास के अपहरण की जानकारी देते हुए 30 लाख रुपये फिरौती मांगी।
विज्ञापन


इकलौते बेटे के अपहरण का पता चलते ही घर में हाहाकार मच गया। बजरंग ने पुलिस को कॉल की। बताया कि विकास अनैया स्थित एक स्कूल में केजी का छात्र है। इस बीच बच्चे की तलाश में जुटे लोगों को पुलिया के नीचे बच्चे की चप्पल दिखी। अनहोनी की आशंका के चलते वे पुलिया के नीचे उतरे। वहां छिपाकर रखी प्लास्टिक की टोकरी में विकास बंधा पड़ा था
विज्ञापन

बच्चे की जान को था खतरा 

विकास - फोटो : amar ujala
एसओ का कहना है कि बच्चे से पूछने पर सुनील द्वारा एक किशोर की मदद से अपहरण का राज उजागर हुआ। दोनों आरोपी भी पुलिया के नीचे कुछ दूरी पर छिपे बैठे थे। भांडा फूटने पर भागने लगे। सड़क पर खड़े पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से उन्हें धरदबोचा।

एसओ ने बताया कि 30 लाख की फिरौती मांगने में इस्तेमाल मोबाइल फोन की तलाश की जा रही है। कड़ाई से पूछताछ में सुनील ने कुबूला कि मोटी कमाई के बारे में सोच रहा था। कई फिल्मों में अपहरण करके फिरौती वसूलने की कहानी देखी। मजबूत आर्थिक स्थिति वाले बजरंग रावत के इकलौते बेटे के अपहरण की साजिश रच डाली।

पूछताछ में जुटे एसओ ने कहा कि मासूम विकास दोनों अपहरणकर्ताओं को पहचानता था। चंगुल से छूटने पर परिवारीजनों को सच बता देता। ऐसी दशा में फिरौती वसूलने के बाद बच्चे की हत्या के आसार थे। वारदात की तुरंत सूचना और ग्रामीणों की सजगता के चलते बच्चे की जान बची और दोनों आरोपियों को पकड़ा गया है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें