लखनऊ। गोमतीनगर के विवेेकखंड निवासी ग्राफिक डिजाइनर मनीष शुक्ला (38) की मौत के मामले में कोर्ट के आदेश पर 31 अक्तूबर को चिनहट थाने में हत्या का केस दर्ज किया गया। हत्या का आरोप मनीष की महिला मित्र व दो दोस्तों पर लगा है। मनीष का शव 27 जून को कठौता झील में उतराता मिला था।
एचएएल से सेवानिवृत्त मनीष के पिता कृष्ण कुमार शुक्ला के मुताबिक उनके बेटे को 26 जून की रात 10 बजे बीबीडी साईं रेजीडेंसी निवासी विनय दुबे, सुशांत गोल्फ सिटी स्थित सेलिब्रिटी मिडोज अपार्टमेंट निवासी अर्पित श्रीवास्तव और पश्चिम बंगाल दार्जिलिंग निवासी पूर्वी जैन पार्टी के लिए साथ ले गए थे। रात भर मनीष घर नहीं लौटा। 27 जून की सुबह कठौता झील में उनका शव मिलने की खबर मिली। परिजनों का कहना था कि मनीष अच्छे तैराक थे इसलिए वह डूब नहीं सकते थे।
परिजनों ने मनीष की महिला मित्र व दोनों दोस्तों पर हत्या का आरोप लगाते हुए चिनहट पुलिस से शिकायत की थी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। इस पर उनके पिता ने कोर्ट की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर 31 अक्तूबर को चिनहट पुलिस ने तीनों दोस्तों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया।
इंस्पेक्टर दिनेश चंद्र मिश्र का कहना है कि मनीष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण डूबना आया था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है तो सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
साथियों ने बताया था कि अकेले झील में उतर गया था मनीष
घटना के बाद मौके पर मनीष के दोस्त विनय दुबे और अर्पित मौजूद थे। दोनों ने बताया कि पूर्वी जैन लखनऊ छोड़कर जा रही थी। लिहाजा, उसके लिए पार्टी का आयोजन किया गया था। अर्पित, विनय और मनीष बोहो बार से पूर्वी जैन के फ्लैट पर जाने के लिए निकले और रास्ते में कठौता झील पर सिगरेट पीने रुके। इसी बीच मनीष झील में नहाने चला गया, जहां वह डूब गया था।