लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी के किसान पथ पर हुए हंगामे के बाद पुलिस ने 60 उपद्रवियों पर रिपोर्ट दर्ज की है। इन पर बलवा, दंगा और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल के अनुसार, 6 मार्च को दोपहर करीब दो बजे बुद्धू खेड़ा के पास एसयूवी और बाइक की टक्कर हुई थी। इस हादसे में तीन लोग घायल हुए, जिन्हें पीजीआई ट्रॉमा टू पहुंचाया गया। इलाज के दौरान मोहनलालगंज के गोपाल खेड़ा निवासी सुशील कुमार और उनके ससुर मुन्नी लाल की मौत हो गई। सुशील की पत्नी बबली अभी भी पीजीआई ट्रॉमा टू में भर्ती हैं। नाराज परिजनों ने किसान पथ पर जाम लगाकर ढाई घंटे तक प्रदर्शन किया। सड़क से दुर्घटनाग्रस्त वाहन हटाते समय प्रदर्शनकारी भड़क गए और पुलिस पर हमला कर दिया। उन्होंने पुलिसकर्मियों पर पथराव किया और आसपास तोड़फोड़ भी की।
हंगामे के दौरान कुछ लोगों ने सेंवई चौकी इंचार्ज हिमांशु तिवारी को गिराकर पीटा। दरोगा के बचाव में आए पुलिसकर्मियों पर भी पथराव हुआ, जिससे कई चोटिल हो गए। घटना का वीडियो बना रहे दरोगा आनंद राव अंबेडकर का मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिया गया। पथराव और मारपीट में चार दरोगा सहित दस पुलिसकर्मी घायल हुए। सभी का सीएचसी गोसाईंगंज में प्राथमिक उपचार कराया गया है।
हंगामा और प्रदर्शन के कारण किसान पथ पर करीब दो किमी तक लंबा जाम लग गया। डीसीपी ने बताया कि वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्य के जरिये उपद्रवियों की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है।