लखनऊ। होली के बाद दिल्ली और मुंबई लौटने वालों की भीड़ रेलवे स्टेशनों पर उमड़ रही है। रविवार को यह भीड़ और बढ़ने की संभावना है। ट्रेनों में लंबी वेटिंग के कारण यात्रियों को कन्फर्म सीट के लिए जुगाड़ करना पड़ रहा है। कई यात्री सांसदों और विधायकों के लेटरहेड पर सिफारिशें लगवाकर इमरजेंसी कोटे से सीट पाने की कोशिश कर रहे हैं। उधर, पूर्वांचल के जिलों की ओर जाने वाले यात्रियों की भीड़ कैसरबाग, कमता और आलमबाग बस अड्डों पर भी उमड़ने की संभावना है।
लंबी वेटिंग से बढ़ी परेशानी
दिल्ली और मुंबई जाने वाली कई ट्रेनों में वेटिंग सूची काफी लंबी है। दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस और तेजस समेत कई ट्रेनों में वेटिंग 150 से अधिक है, जबकि मुंबई जाने वाली पुष्पक, गोरखपुर–पनवेल और अवध एक्सप्रेस में वेटिंग सौ के पार पहुंच चुकी है। ऐसे में कन्फर्म सीट के लिए यात्रियों के पास तत्काल और इमरजेंसी कोटे का ही विकल्प बचा है।
इमरजेंसी कोटे का नियंत्रण डीआरएम कार्यालय के पास होता है, जिससे सांसदों, विधायकों, मरीजों और अन्य जरूरी मामलों में सीटें आवंटित की जाती हैं। उत्तर और पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल का डीआरएम कार्यालय राजधानी में होने के कारण यहां बड़ी संख्या में आवेदन पहुंचते हैं।
तत्काल की उम्मीद भी टूटी
रविवार को लखनऊ से दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनों में तत्काल कोटे की 250 से अधिक सीटें उपलब्ध थीं। लेकिन शनिवार सुबह बुकिंग शुरू होते ही यात्रियों को सिर्फ 52 सीटें ही मिल सकीं, बाकी सीटें दलालों के हाथ लग गईं।
वीआईपी ट्रेनों में इमरजेंसी कोटे पर दबाव
लखनऊ से दिल्ली और मुंबई जाने वाली वीआईपी ट्रेनों में इमरजेंसी कोटे की सीटों के लिए सबसे अधिक मारामारी रहती है। उदाहरण के तौर पर पुष्पक एक्सप्रेस की थर्ड एसी में इमरजेंसी कोटे की 12 से 15 सीटें होती हैं, लेकिन इसके लिए आवेदकों की संख्या 150 से अधिक पहुंच जाती है। इसी तरह लखनऊ मेल में करीब 175 और एसी एक्सप्रेस में लगभग 120 आवेदन पहुंचते हैं।
केस 1: सांसद की सिफारिश से सीट की उम्मीद
पेशे से इंजीनियर सुकांत मिश्र को रविवार को मुंबई जाना है। उन्होंने पुष्पक एक्सप्रेस की थर्ड एसी में टिकट कराया, लेकिन टिकट वेटिंग में रह गया। यात्रा जरूरी होने के कारण उन्होंने अपने बॉस के माध्यम से लखनऊ के एक सांसद से संपर्क किया। सांसद के लेटरहेड पर इमरजेंसी कोटे के लिए सिफारिश लिखवाई गई और आवेदन डीआरएम कार्यालय में जमा कराया गया। अब उन्हें इसी कोटे से सीट मिलने की उम्मीद है।
केस 2: विधायक की पैरवी से मिला कन्फर्म टिकट
रीना शुक्ल को अपने पति के साथ काठगोदाम जाना था। उन्होंने बाघ एक्सप्रेस की थर्ड एसी में टिकट कराया, लेकिन वह वेटिंग में था। ऐसे में उन्होंने एक विधायक के करीबी से संपर्क किया। विधायक कार्यालय से रेलवे अधिकारियों को फोन किया गया और सिफारिश भी भेजी गई। इसके बाद उन्हें थर्ड एसी में दो कन्फर्म सीटें मिल सकीं।
ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी भीड़।
ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी भीड़।
ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी भीड़।
ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी भीड़।
ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी भीड़।
ट्रेनों व रेलवे स्टेशनों पर उमड़ी भीड़।