गिलौला (श्रावस्ती) में सेवनाहे गांव में अपनी ससुराल से वापस गिलौला लौट रहे गल्ला व्यवसायी की कार शनिवार रात मसढ़ी चौराहे के निकट अनियंत्रित हो गई। जिससे कार मुख्य सरयू नहर में जा गिरी। जिसमें कार सवार व्यापारी की डूबने से मौत हो गई। जिसकी लाश रविवार को गोंडा के कौड़िया से बरामद हुई। जिसे पोस्टमार्टम के लिए गोंडा भेजा गया है।
भिनगा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सेहनिया निवासी प्रमोद मिश्रा (55) पुत्र देवी प्रसाद मिश्रा का घर कई वर्ष पहले राप्ती की कटान की जद में आ गया था। इसके बाद उनका परिवार गिलौला थाने के सामने मकान बनाकर रहने लगा था। जहां प्रमोद द्वारा कपड़े व गल्ले का व्यवसाय किया जा रहा था। प्रमोद की ससुराल सेवनाहे गांव में पड़ती है। शनिवार को प्रमोद अपनी कार यूपी 45 ए 0380 से ससुराल गया था। जहां से लौते समय वह जैसे ही कार लेकर मसढ़ी चौराहे के पास पहुंचा। तभी नहर पर चढ़ते समय मार्ग किनारे बने गड्ढ़े से बचने के प्रयास में वह कार से नियंत्रण खो बैठा। जिससे कार अनियंत्रित हो नहर में जा गिरी। इस दौरान आसपास मौजूद लोगों द्वारा इसकी सूचना गिलौला व पयागपुर पुलिस को दी गई।
सूचना के बाद पहुंची गिलौला पुलिस पयागपुर थाने का मामला होने की बात कह वापस लौट आई। वहीं स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंचे परिजनों द्वारा प्रमोद मिश्रा की तलाश कराई गई। लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं लग सका। रविवार सुबह स्थानीय लोगों के सहयोग से कार को नहर से बाहर निकाला गया। इस दौरान का बायां दरवाजा व आगे के दोनों शीशे खुले मिले। कार में प्रमोद के न मिलने पर स्थानीय गोताखोरों के प्रयास से उसकी तलाश कराई गई। जिसकी लाश गोंडा जिले के आर्य नगर चौकी क्षेत्र के कौड़िया स्थित नहर से बरामद हुई। जिसका पंचनामा भरा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए गोंडा भेज दिया गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। मृतक व्यापारी के पत्नी, तीन बेटी व दो बेटे हैं। जिनमें से दो बेटियों का विवाह हो चुका है।
डिवाइडर से टकराकर पलटी बस, पांच यात्री घायल
भिनगा से बहराइच जा रही निजी बस यूपी 40 टी 6592 रविवार को सोनवा थाना क्षेत्र के रतनापुर बाजार के निकट अनियंत्रित हो डिवाइडर से टकराकर पलट गई। जिसमें 40 लोग सवार थे। घटना में थाना क्षेत्र के नरायणपुर निवासिनी राम दुलारी पत्नी दीप नारायण सहित पांच लोगों को चोट आई। जिन्हें सूचना पर पहुंची सोनवा पुलिस द्वारा स्थानीय लोगों के सहयोग से पास के ही एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया है।