शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने खुदकुशी करने वाले व्यापारी को यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करने की धमकी दी थी। वहीं, गिरोह के एक शख्स ने एसपी बनकर व्यापारी से बात की थी और दावा किया था कि 10 लाख रुपये देने पर वीडियो डिलीट करवा देगा।
एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पहले भी इस तरह की शिकायतें आई हैं जिसमें गिरोह में शामिल युवतियां लोगों को वीडियो कॉल कर जाल में फंसाती हैं और अश्लील वीडियो बना लेती हैं। इसके बाद ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता है। मामले में भी वही हुआ। वीडियो बनने के बाद सबसे पहले स्ट्रेचर पर पड़ी एक युवती और वहां खड़े पुलिसकर्मियों की फोटो भेजी गई।
एक शख्स ने व्यापारी को कॉल कर कहा कि वीडियो लीक हो गया है, लड़की ने जहर खा लिया है। मामला दबाना है तो रकम भेजो। इसलिए व्यापारी ने पैसे भेज दिए। इसके बाद गिरोह ने दोबारा संपर्क कर यूट्यूब पर वीडियो डालने की धमकी दी और इसे डिलीट कराने के लिए मोटी रकम मांगी।
साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्र से जानें कैसे इन गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकते हैं
- युवती की डीपी लगे अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आए तो उसे नजरअंदाज करें।
- अगर कॉल रिसीव हो जाए तो घबराएं नहीं, कॉल कट कर दें।
- अगर कोई जाल में फंस जाए और उसका अश्लील वीडियो बनाने का दावा कर युवती ब्लैकमेल करे तो पुलिस से संपर्क करें।
- आत्मघाती कदम न उठाएं, वीडियो कहीं भी वायरल नहीं होगा।
- हेल्पलाइन नंबर 1903 पर कॉल कर सकते हैं।
- नजदीकी पुलिस थाने, साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।