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सेक्सटॉर्शन : व्यापारी को वीडियो वायरल कराने की धमकी देकर मांगे थे 10 लाख रुपये, कई बुजुर्ग भी फंसे जाल में

Wed, 20 Sep 2023 02:57 PM IST
ishwar ashish माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ

सार

नौ महीने में साइबर क्राइम सेल के पास 53 मामले पहुंचे हैं। सेक्सटॉर्शन के जरिए कई नामचीन लोगों से रकम ऐंठी गई है पर पुलिस गिरोह तक नहीं पहुंच सकी है।
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lucknow - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सेक्सटॉर्शन गिरोह से त्रस्त होकर बीबीडी इलाके के रहने वाले व्यापारी ने खुदकुशी कर ली। गिरोह की उगाही और ब्लैकमेलिंग नहीं झेल पाने की वजह से जान देने का भले ही यह पहला मामला हो, पर पिछले नौ महीने की बात करें तो साइबर क्राइम सेल के पास 53 मामले पहुंचे। कई नामचीन लोगों से रकम ऐंठी गई। पर, हरियाणा और राजस्थान में सक्रिय गिरोहों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई।

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सेक्सटॉर्शन गिरोह हरियाणा और राजस्थान में सक्रिय हैं। व्यापारी ने जिस गिरोह से त्रस्त होकर खुदकुशी की, वह भी इन्हीं दोनों में से किसी एक राज्य के होने की आशंका है। ये साइबर ठग फर्जी पहचान बताकर ठगी करते हैं। फेक आईडी से लिए गए प्री-एक्टिवेटेड सिमों का इस्तेमाल करते हैं। वहीं जिन खातों में रकम मंगवाते हैं वह फर्जी यानी किसी अन्य शख्स के होते हैं। इसलिए उनको ट्रेस कर पाना मुश्किल होता है। इस प्रकरण में भी व्यापारी के कातिलों तक पहुंच पाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती होगी।

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साइबर क्राइम सेल प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश चंद्र साहू बताते हैं कि सेक्सटॉर्शन के जो मामले सेल में आने पर पहले हमारा फोकस पीड़ितों की काउंसिलिंग पर होता है ताकि वह इस तरह का आत्मघाती कदम न उठाएं। शहर के कई नामचीन बुजुर्ग भी इसका शिकार हुए। रकम वापस कराने के प्रयास होते हैं, पर कुछ ही मामलों में सफलता मिली। वहीं न के बराबर केसों में पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि फेक आईडी का इस्तेमाल होने की वजह से अपराधियों तक पहुंचने में मुसीबत होती है। खाते भी ऐसे गिरोह किसी गरीब-मजबूर शख्स के नाम पर खुलवा लेते हैं। इससे असल अपराधी पकड़ से दूर रहते हैं। हालांकि व्यापारी की खुदकुशी के मामले को पुलिस अफसरों ने बेहद गंभीरता से लिया है। एडीसीपी ने बताया कि मामले में टीम गठित कर जांच कराई जा रही है। जल्द टीम बाहर भेजी जाएगी।

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यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करने की दी धमकी, एसपी बन की थी बात

शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने खुदकुशी करने वाले व्यापारी को यूट्यूब पर वीडियो अपलोड करने की धमकी दी थी। वहीं, गिरोह के एक शख्स ने एसपी बनकर व्यापारी से बात की थी और दावा किया था कि 10 लाख रुपये देने पर वीडियो डिलीट करवा देगा।

एडीसीपी पूर्वी सैयद अली अब्बास ने बताया कि पहले भी इस तरह की शिकायतें आई हैं जिसमें गिरोह में शामिल युवतियां लोगों को वीडियो कॉल कर जाल में फंसाती हैं और अश्लील वीडियो बना लेती हैं। इसके बाद ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू होता है। मामले में भी वही हुआ। वीडियो बनने के बाद सबसे पहले स्ट्रेचर पर पड़ी एक युवती और वहां खड़े पुलिसकर्मियों की फोटो भेजी गई।

एक शख्स ने व्यापारी को कॉल कर कहा कि वीडियो लीक हो गया है, लड़की ने जहर खा लिया है। मामला दबाना है तो रकम भेजो। इसलिए व्यापारी ने पैसे भेज दिए। इसके बाद गिरोह ने दोबारा संपर्क कर यूट्यूब पर वीडियो डालने की धमकी दी और इसे डिलीट कराने के लिए मोटी रकम मांगी।

साइबर एक्सपर्ट राहुल मिश्र से जानें कैसे इन गिरोहों के चंगुल में फंसने से बच सकते हैं
- युवती की डीपी लगे अनजान नंबर से व्हाट्सएप कॉल आए तो उसे नजरअंदाज करें।
- अगर कॉल रिसीव हो जाए तो घबराएं नहीं, कॉल कट कर दें।
- अगर कोई जाल में फंस जाए और उसका अश्लील वीडियो बनाने का दावा कर युवती ब्लैकमेल करे तो पुलिस से संपर्क करें।
- आत्मघाती कदम न उठाएं, वीडियो कहीं भी वायरल नहीं होगा।
- हेल्पलाइन नंबर 1903 पर कॉल कर सकते हैं।
- नजदीकी पुलिस थाने, साइबर सेल में शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
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