फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स

बाराबंकी में पुलिस वालों द्वारा जलाई महिला की मौत

यूपी के बाराबंकी में पुलिस वालो द्वारा जलाई गयी महिला ने तड़के 3 बजकर 40 मिनट पर सिविल अस्पताल की इमरजेंसी बर्न यूनिट में दम तोड़ दिया। बाराबंकी के कोठी थाने में एक लाख रुपये रिश्वत न देने पर थानाध्यक्ष व एसआई ने एक पत्रकार की मां के साथ रेप का प्रयास किया था व उसके बाद थाना परिसर में ही पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। महिला को गंभीर हालत में जिला अस्पताल से लखनऊ रेफर किया गया था। महिला इतनी बुरी तरह से जल चुकी थी कि उसे बचाया नहीं जा सका।


थाने में रेप के साथ-साथ महिला से चेन व अंगूठी भी लूटने का आरोप है। महिला का कुसूर सिर्फ इतना था कि वो थाने में अवैध हिरासत में रखे गए अपने पति को छुड़ाने गई थी। एसओ कोठी रायसाहब यादव व एसआई अखिलेश राय को एसपी ने निलंबित कर दिया है।

कोठी थाना क्षेत्र के ग्राम गढ़ा बसंतपुर गांव निवासी रामनरायन द्विवेदी को उसके एक रिश्तेदार पर दर्ज मामले को लेकर पुलिस रविवार सुबह से थाने में हिरासत में रखे थी। सोमवार सुबह रामनरायन द्विवेदी की पत्नी नीतू द्विवेदी (40) थाने पहुंची और एसओ रायसाहब यादव व एसआई अखिलेश राय से पति को छोड़ने की गुहार लगाई। एसओ व एसआई ने महिला से उसके  पति को छोड़ने के एवज में एक लाख रुपये मांगे। पैसे देने में असमर्थता जताने पर एसओ व एसआई ने महिला के साथ छेड़छाड़ करते हुए रेप का प्रयास किया।


महिला ने विरोध किया तो पिटाई कर सोने की चेन व अंगूठी लूटने के बाद एसओ व एसआई ने उसके ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। थाना परिसर में हुई इस वारदात से हड़कंप मच गया।

मरने से पहले बयान में यह कहा महिला ने

थाने में रेप और जिंदा जलाने के बाद भी महिला ने हिम्मत नहीं हारी थी। मरने से पहले महिला ने अपना बयान भी दर्ज कराया था। अपने बयान में महिला ने कहा कि मेरे पति  को कोठी थाने के एसओ रायसाहब यादव व अखिलेश राय बिना वजह पकड़ लाए थे। सोमवार सुबह जब मैं अपने पति को छुड़ाने के लिए कोठी थाने गई तो एसओ व एसआई ने अपने आफिस में बुलाकर मुझसे एक लाख रुपये मांगे। मना करने मेरे साथ गलत काम करने का प्रयास किया व डेढ़ तोले सोने की चेन, अंगूठी व कान की बाली छीन ली और उसके बाद पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी।

दो घंटे बाद जिला अस्पताल पहुंचीं मजिस्ट्रेट
थाने में जिंदा जलाई गई महिला को जब इलाज के लिए सोमवार को दिन में करीब 11 बजे जिला अस्पताल लाया गया, तो पहले वहां इलाज में लापरवाही हुई। करीब एक घंटे तक पुलिस व प्रशासन का कोई अफसर नहीं पहुंचा।

महिला का बयान दर्ज कराने के लिए अस्पताल की ओर से मजिस्ट्रेट को सूचना दी गई, फिर भी कोई नहीं पहुंचा। करीब साढ़े बारह बजे डीएम योगेश्वरराम मिश्र अस्पताल पहुंचे और वहां कोई मजिस्ट्रेट न मिलने पर एसडीएम सदर नीलम यादव को फोन पर जमकर फटकार लगाई। इसके बाद करीब एक बजे एसडीएम ने आकर पीड़िता बयान दर्ज किया।

पीड़िता के पति को इसलिए उठा ले गई थी पुलिस
कोठी थाना क्षेत्र के सेमरावा गांव में शनिवार की रात गंगाराम वर्मा को दीपक ने अपने पिता नंदकिशोर व गांव के ही नौमीलाल के साथ मिलकर गोली मार दी थी। आरोपी नंद किशोर थाने में जिंदा जलाई गई नीतू का भाई है। पुलिस नंद किशोर व उसके पुत्र को नहीं पकड़ पाई, तो रविवार सुबह उनके बहनोई व नीतू के पति रामनरायन को थाने में बैठा लिया। करीब चौबीस घंटे तक पति के पुलिस हिरासत में रहने के बाद सोमवार की सुबह नीतू कोठी थाने गई थी जहां उसके साथ यह वारदात हो गई।
विज्ञापन

गुमराह करते रहे एसपी

थाने में पुलिसकर्मियों की दरिंदगी की शिकार महिला अपने पति को पुलिस की अवैध हिरासत से छुड़ाने के लिए रविवार दिन भर पुलिस के बड़े अधिकारियों से फोन कर गुहार लगाती रही।

मामला एक पत्रकार से जुड़ा होने के नाते मीडियाकर्मियों ने भी एसपी अब्दुल हमीद व एएसपी शफीक अहमद से बात की। इसके बावजूद पुलिस अधिकारियों ने नहीं सुनी। कप्तान दिन भर कहते रहे कि अभी छोड़ देंगे लेकिन सोमवार सुबह तक नहीं छोड़ा।

मामले पर एसपी अब्दुल हमीद का कहना है कि कोठी थाने के एसओ व एसआई ने एक महिला के साथ अभद्रता की थी। जिसके बाद पीड़िता ने इससे क्षुब्ध होकर थाने के बाहर खुद को आग लगा ली। मामले में आरोपी एसओ व एसआई को निलंबित किया गया है।

पीड़िता के पुत्र आशीष द्विवेदी की तहरीर पर दोनों पुलिस कर्मियों के खिलाफ  आत्महत्या के लिए उकसाने, अभद्रता करने जैसी कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
और पढ़ें...
Next
AU ऐप में पढ़ें