पांच फीट लंबे मगरमच्छ के पैर दबोच लेने के बावजूद सातवीं कक्षा के छात्र ने हिम्मत नहीं हारी और आधा घंटा तक उससे जूझता रहा। उसका हौसला देख हिम्मत जुटाकर उसका साथी भी मगरमच्छ पर टूट पड़ा।
इस बीच ग्रामीण भी आ गए और मगरमच्छ के जबड़े से उसे छुड़ाया। वाकया कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के मुर्तिहा रेंज में आने वाले बोझिया गांव का है।
छात्र सत्येंद्र कुमार बकरी चराने के दौरान खेल रहा था कि मगरमच्छ ने उसका पैर दबोच लिया। गंभीर रूप से जख्मी सत्येंद्र को सीएचसी में भर्ती कराया गया है।
बोझिया निवासी अयोध्या प्रसाद का बेटा सत्येंद्र मंगलवार दोपहर स्कूल से लौटने के बाद छोटे भाई पिंटू व पड़ोसी मुकेश के साथ बकरियों को लेकर घास चराने सिगरा तालाब के पास गया था। बकरियां चरने लगीं तो तीनों बच्चे तालाब से 50 मीटर दूर ककरा नाले के तट पर खेलने पहुंच गए।