राजधानी के 19 हजार युवाओं के लिए शनिवार का दिन खास रहा। लखनऊ विश्वविद्यालय समेत 47 डिग्री कॉलेजों में करीब एक साल से इंतजार करने वाले छात्रों के हाथों में लैपटॉप आया तो सभी के चेहरे खुशी से खिल गए।
लविवि, आईटी कॉलेज और मुमताज कॉलेज के वे 120 छात्र ज्यादा खुशनसीब रहे जिन्हें मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने खुद लैपटॉप दिए।
हालांकि, कुछ कॉलेजों में कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होने की वजह से कई छात्रों को मायूसी भी मिली लेकिन कॉलेज प्रशासन ने जल्द ही गलतियां सुधारकर लैपटॉप बांटने का आश्वासन दिया है।
शनिवार को राजधानी के कॉलेजों का कुछ अलग ही नजारा था। लैपटॉप पाने के लिए सुबह से छात्र कॉलेजों में इकट्ठा होने लगे थे। कुछ को छोड़कर करीब 98 प्रतिशत छात्रों को लैपटॉप बांटे गए।
सबसे ज्यादा लैपटॉप लखनऊ विश्वविद्यालय में 2590 छात्रों को दिए जाने थे। यहां हुए समारोह में मुख्यमंत्री ने विवि के विकास के लिए हरसंभव मदद देने का वादा किया।
साथ ही लविवि को दुनिया को विश्व के श्रेष्ठ संस्थानों में शामिल करवाने का लक्ष्य तय करते हुए इसे पूरा करने की चुनौती सामने रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लैपटॉप युवाओं को आगे बढ़ाने का काम करेगा। वे इंटरनेट के प्रयोग से अनूठा ज्ञान हासिल कर सकेंगे।
समय से पहले पहुंचे सीएम अखिलेश
आईटी पीजी कॉलेज में सीएम को सुबह 11 बजे लैपटॉप बांटने पहुंचना था मगर वे वहां सुबह 10:47 बजे ही पहुंच गए। इसके बाद उन्हें लखनऊ विश्वविद्यालय में तय कार्यक्रम के अनुसार दोपहर 12 बजे पहुंचना था पर वहां भी वे 11:35 बजे ही पहुंच गए।
आईटी कॉलेज में मुख्यमंत्री ने छात्राओं से अपेक्षा की कि वे लैपटॉप को अपने सशक्तिकरण का जरिया बनाएंगी और जीवन में सफलता हासिल करने में इसका पूरा सहयोग लेंगी। आईटी कॉलेज में 1061 छात्राओं को लैपटॉप दिया जाना था, जिनमें 17 अनुपस्थित रहीं।
मुख्यमंत्री ने इस दौरान कई बार छात्राओं से सीधे संवाद करते हुए कहा कि वे लैपटॉप का उपयोग आगे बढ़ने और खूब पढ़ने के लिए करें।
मुमताज में अचानक पहुंचे, छात्र खुश
डालीगंज स्थित मुमताज पीजी कॉलेज में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का कार्यक्रम पूर्व निश्चित नहीं था। यहां स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसन व विज्ञान एवं प्रौद्योगिक ी मंत्री अभिषेक मिश्रा को आना था।
इसी बीच तकरीबन 11 बजे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आने की खबर से कॉलेज के छात्र-छात्राओं का उत्साह और बढ़ गया। सभी मुख्यमंत्री के इंतजार में जमे रहे। आनन-फानन में प्रशासन ने सारी व्यवस्था बदल डाली।
लविवि से निकलकर दोपहर 12:30 बजे मुमताज कॉलेज पहुंचे मुख्यमंत्री ने खुद 40 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप बांटे। उन्होंने कहा कि सरकार की लैपटॉप योजना के कार्यक्रम को लेकर खूब हो हल्ला मचा।
उनसे पीछे रह गए दल सवाल उठाने लगे कि लैपटॉप जमा क्यों हो रहे हैं, कब बांटे जाएंगे। मीडिया भी सवाल खडे़ करने लगा। पिछली बार 10 हजार लैपटॉप बांटे गए थे इस बार 20 हजार लैपटॉप बांटे जाएंगे।
सीएम ने कहा कि सरकार चाहती है कि लैपटॉप के जरिए युवाओं को शिक्षा में मदद मिले और देश-दुनिया से जुड़कर अपने ज्ञान को नया आकाश दें। उन्होंने बताया कि लैपटॉप में इंग्लिश और हिंदी के साथ साथ उर्दू व कई अन्य भाषाओं में भी काम किया जा सकता है।