सस्ती दर के एपीएल कोटे के गेहूं वितरण में गड़बड़ी रोकने को जिला पूर्ति अधिकारी ने राशन विक्रेताओं के पेंच कसे हैं।
इस बाबत गुरुवार को राशन विक्रेताओं के लिए गेहूं वितरण संबंधी नए दिशा निर्देश जारी किया गया है।
नए निर्देश के तहत अब राशन विक्रेता फोटो सत्यापन के आधार पर ही कार्डधारियों को राशन दुकान से सस्ती दर का अनाज वितरित करेंगे। इससे अब कार्डधारी को स्वयं ही आवंटित अनाज लेने राशन की दुकान जाना पड़ेगा। कार्डधारी के अलावा किसी अन्य को राशन मिलेगा।
जिला पूर्ति अधिकारी चंद्रशेखर ओझा ने बताया कि उक्त दिशा निर्देश जारी करने का मुख्य उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंदों को सस्ती दर पर आवंटित राशन का गेहूं मुहैया कराना है।
उन्होंने बताया कि इस तरह की तमाम शिकायतें उजागर हुई है कि राशन विक्रेता बिना कार्डधारी की मौजूदगी के ही महज राशन कार्ड के आधार पर किसी को भी सस्ती दर का गेहूं वितरित करा रहे हैं।
इससे वास्तविक जरूरतमंदों के हिस्से का गेहूं फर्जी राशन कार्डों के सहारे हड़प किए जाने की आशंका को खत्म करने के लिए ही वितरण में नयी व्यवस्था को लागू करने का निर्देश दिया गया है।
इसके तहत अब विक्रेता को वास्तविक कार्डधारी का फोटो सत्यापन करने के बाद ही गेहूं वितरित करना होगा। इतना ही नहीं आवंटित गेहूं का वितरण अनिवार्य तौर पर नामित पर्यवेक्षक अथवा क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों की निगरानी में ही करना होगा।
नामित लोगों में से अगर कोई भी मौके पर उपस्थित नहीं हो पाता तो उस दिन वितरण कार्य नहीं होगा।
इसके साथ ही वितरण में गड़बड़ी रोकने को अब हर राशन विक्रेता को आवंटित-वितरित व बचे स्टाक के बारे में दैनिक अपडेट रिपोर्ट भी स्टाक रजिस्टर में दर्ज कर उसकी जांच नामित पर्यवेक्षक से कराना भी जरूरी कर दिया गया है।