आपूर्ति विभाग फर्जी राशन कार्ड के सहारे गरीबों के कोटे का अनाज हड़पने वाले कोटेदारों पर शिकंजा कसने की नयी कवायद शुरू करेगा।
इसके तहत तय समय पर राशन सामग्री न मिलने अथवा घटतौली की शिकायतों पर आरोपित कोटेदारों के खिलाफ लाइसेंस निलंबित करने की त्वरित कार्रवाई होगी।
सार्वजनिक वितरण व्यवस्था को दागदार बनाने वाले ऐसे कोटेदारों की धरपकड़ के लिए फोन कॉल का सहारा लिया जाएगा। इसके लिए आपूर्ति निरीक्षकों की एक अलग टीम गठित होगी।
टीम के सदस्य कार्डधारियों से सीधे फोन से संपर्क कर समय पर पूरा अनाज मिलने अथवा न मिलने की पुष्टि के आधार पर वितरण में गड़बड़ी करने वाले कोटेदारों को चिह्नित कर शिकायत का सत्यापन करेंगे।
अधिकारियों ने भरोसा जताया है कि जांच की इस नयी व्यवस्था के अमल में आने से बड़ी संख्या में फर्जी राशन कार्डों के सहारे गरीबों के अनाज को कागजों पर वितरित दिखा उसकी कालाबाजारी कराने वाले कोटेदारों पर कड़ाई से शिकंजा कस सकेगा।
एडीएम आपूर्ति ओपी राय की पहल पर इस नयी कार्ययोजना को जल्दी जिले में अमल में लाया जाएगा। इसके तहत कार्डधारी को तय समय पर सस्ती दर का आवंटित गेहूं चावल व चीनी मिलने अथवा न मिलने, घटतौली की आशंका व कोटेदार के व्यवहार के बारे में आधारित प्रश्नावली के आधार पर जानकारी एकत्रित की जाएगी।
इसके आधार पर ही ऐसे कोटेदारों को चिह्नित किया जाएगा जिनके खिलाफ कार्डधारियों द्वारा समय पर आवंटित अनाज वितरित न करने अथवा घटतौली की शिकायत उजागर हुई होगी।
ऐसी शिकायतों का भौतिक स्तर पर सत्यापन कर पुष्टि के आधार पर आरोपित कोटेदार को स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा जाएगा। जवाब न देने वाले कोटेदार का वितरण लाइसेंस निरस्त कर आगे की कार्रवाई तय होगी।