शहीद पथ पर एक कंपनी की ग्रुप हाउसिंग स्कीम में ईडब्ल्यूएस और एलआईजी फ्लैटों के आवंटन में नए सिरे से शपथ पत्र आवेदकों को देना पड़ेगा।
पुराने दिए गए शपथ पत्र में प्राधिकरण ने गड़बड़ी पाई है, इसमें केवल आवेदक की ही आय का उल्लेख किया गया। जबकि, नए शपथ पत्र में आवेदकों को पूरे परिवार की आय ईडब्ल्यूएस के लिए छह हजार और एलआईजी के लिए 10 हजार रुपए देनी होगी।
एक लाख वर्ग फीट से अधिक क्षेत्रफल की एक निजी ग्रुप हाउसिंग स्कीम में गड़बड़ी निकली थी। गरीब आवासों के लिए अपनाई गई आवंटन प्रक्रिया में खोट निकली है।
इस कंपनी को करीब 250 ईडब्ल्यूएस और 250 एलआईजी फ्लैट अपने आवंटियों को देने थे। इसी वजह से प्राधिकरण की उप सचिव संतोष मुर्डिया ने लाटरी प्रक्रिया में भाग लेने से इंकार कर दिया था।
मुर्डिया ने उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी को कहा था कि, इस कंपनी ने पंजीकरण करने वालों के लिए आय सीमा का जो प्रमाण पत्र लिया है, वह दोषपूर्ण है। कंपनी के प्रतिनिधियों ने शनिवार को उपाध्यक्ष अष्टभुजा प्रसाद तिवारी से मुलाकात की।
तिवारी ने कंपनी के प्रतिनिधियों को साफ किया कि, वे शपथ पत्र नए सिरे से बनवाएं, जैसा कि शासनादेश में उल्लेखित है। प्रमाण पत्र को बदल कर कंपनी अब पूरे परिवार की आय संबंधी प्रमाणपत्र दे। उसी आधार पर लाटरी और बाद में आवंटन होगा।
बाद में अगर किसी शिकायत में किसी आवंटी की आय हलफनामे से अधिक पाई गई, तो उसको आवंटन निरस्त कर दिया जाएगा।