तिरंगे में लिपटा आईटीबीपी जवान भगत सिंह नेगी का शव बुधवार की सुबह उनके आवास पर पहुंचा।
सैनिक सलामी के बीच उनकी अंत्येष्टि पूरे सम्मान के साथ भैंसा कुंड पर की गई। गमगीन माहौल में शहीद के बेटे ने मुखाग्नि दी।
सुबह जैसे ही भगत सिंह नेगी का शव लेकर आईटीबीपी के जवान गोमतीनगर के गीतापुरी स्थित आवास पर पहुंचे।
शव पहुंचते ही घर पर छाई खामोशी चीत्कार में बदल गई। पत्नी नीमा नेगी और बेटी पूजा का रो-रोकर बुरा हाल था।
परिवार को चेहरा दिखाने के बाद शव को आईटीबीपी के जवान लेकर भैंसा कुंड शमशान घाट पहुंचे। इसके बाद बिगुल बजाकर और कई राउंड फायर कर सलामी दी जवानों ने दी।
मुखाग्नि बेटे प्रवीन ने दी। इस दौरान अंतेष्टि में शामिल होने के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता और विधायक कलराज मिश्र भी पहुंचे।
आईटीबीपी के जवानों ने बताया कि भगत सिंह नेगी मंगलवार को ड्यूटी पर थे। हेलीपैड पर राहत सामग्री का सामान पहुंचाने की जिम्मेदारी उनकी थी।
हेलीपैड पर ही वह अचानक से गिर पड़े और बेहोश हो गए। अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। 43 वर्षीय भगत सिंह नेगी मूल रूप से अल्मोड़ा के रहने वाले हैं।
वह पिथौरागढ़ में 16 जून से आपदा प्रभावित लोगों के राहत कार्य में जुटे हुए थे। उनकी मृत्यु की खबर सुनकर भाजपा युवा मोर्चा उत्तरांचल प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक चेतन सिंह के नेतृत्व में शोकसभा का आयोजन किया।
इसमें वरिष्ठ नेता कलराज मिश्र के अलावा नरेंद्र सिंह देवडी, बजरंगी सिंह, बीएस नेगी, जागेश्वर, टीएस मेहता मौजूद रहे।