फर्जी अतिरिक्त किराया टिकट (ईएफटी) पुस्तिका के जरिए वसूली करते रंगे हाथ पकड़े गए मुख्य टिकट निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।
उसके खिलाफ उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल प्रशासन ने विभागीय जांच शुरू कर दी है।
रविवार को मुंबई रेलवे विजिलेंस ने पुष्पक एक्सप्रेस में वसूली करते मुख्य टिकट निरीक्षक एके बाली को गिरफ्तार किया था। उनसे स्कैन कर फर्जी ईएफटी पुस्तिका तैयार कर ली थी।
एके बाली उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल में तैनात है। विजिलेंस ने ईएफटी पुस्तिका जब्त कर एके बाली को जीआरपी कानपुर के हवाले कर दिया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इधर लखनऊ मंडल प्रशासन ने एके बाली के अब तक के सरकारी खजाने में जमा हुए जुर्माने और उसकी ड्यूटी के बारे में वाणिज्य अनुभाग से जानकारियां मांगी हैं।
साथ ही यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है, कि नासिक से छपने वाली ईएफटी को स्कैन करवाकर उनका इस्तेमाल और कितने टीटीई कर रहे हैं।
मंडल प्रशासन ने कम रेलवे राजस्व वाले टीटीई की सूची भी तैयार करने के आदेश दिए हैं। उधर विजिलेंस के छापे के बाद पुष्पक एक्सप्रेस में टिकट परीक्षकों की संख्या घट गई है।