अपने रचना संसार और तमाम स्मृतियों के साथ नगर के साहित्यकार अमृतलाल नागर अब अपने चाहने वालों के लिए विकीपीडिया पर भी आ गए हैं।
उनकी 97वीं जयंती पर उनके चाहने वालों को यह तोहफा दिया गया है। शनिवार को उनकी 97वीं जयंती मनाई जाएगी। हालांकि, इस मौके पर शहर में कोई आयोजन नहीं हो रहा है।
अमृतलाल नागर के पुत्र डॉ. शरद नागर ने शुक्रवार को बताया कि मिनीसोटा यूनिवर्सिटी, यूएसए में प्रोफेसर उनकी बेटी ऋचा नागर ने पिछले दिनों ‘बाबू जी’ की तमाम स्मृतियों समेत उन्हें विकीपीडिया पर भी ला दिया।
साहित्य के शौकीन अब विकीपीडिया पर अमृतलाल नागर से जुड़ी हर जानकारी से रूबरू हो सकेंगे। विकीपीडिया पर उनके जीवन के शुरुआती दौर, उनके पुरस्कारों-सम्मानों, कहानियों, उपन्यासों, रचनाओं के अलावा कुछ अन्य प्रसंग भी हैं।
जयंती पर नहीं होगा समारोहसाहित्यकार अमृतलाल नागर की जयंती पर 17 अगस्त को नगर में कोई खास आयोजन नहीं होने जा रहा है। उनकी स्मृति में संचित स्मृति न्यास की ओर से उनकी जयंती पर हर वर्ष होने वाला आयोजन भी कुछ निजी कारणों से आगे बढ़ाना पड़ गया है।
डॉ. शरद नागर ने बताया कि आयोजन के लिए सारी तैयारियां थीं। इस बार ‘बाबू जी’ द्वारा 1934 से 1954 तक संपादित की गईं पत्र-पत्रिकाओं से संबंधित विषय पर वक्तव्य-व्याख्यान होना था लेकिन कुछ कारणों से कार्यक्रम को आगे बढ़ाना पड़ा है। अब यह सितंबर में होगा।