फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अमर उजाला सर्वे में कारोबारियों ने कहा, अब कारोबार को अनलॉक

विज्ञापन
विज्ञापन
राजधानी में धीमी पड़ती कोरोना संक्रमण की रफ्तार और बेहतरी की उम्मीद के बीच कारोबारी अब बाजार खोले जाने के पक्ष में हैं।
विज्ञापन

सुरक्षा उपायों और प्रोटोकॉल पालन को लेकर कुछ सख्ती व परस्पर समझदारी के त्रिस्तरीय फार्मूले के आधार पर 95 फीसदी कारोबारियों ने बाजार खोले जाने की इच्छा अमर उजाला सर्वे में जताई है।
31 मई के बाद कोरोना कर्फ्यू को बढ़ाया जाना चाहिए या नहीं, इसे लेकर कारोबारियों का मन टटोलने के लिए अमर उजाला ने शहरभर के बाजारों को कवर करते हुए, लखनऊ व्यापार मंडल और उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के सदस्यों और पदाधिकारियों से कुछ तय सवालों पर उनकी राय जानी।
विज्ञापन

सिर्फ तीन फीसदी नहीं चाहते लॉकडाउन नहीं हटे
सर्वे में करीब 25 ट्रेड के 100 कारोबारियों को शामिल किया गया। इनमें से तीन फीसदी लॉकडाउन हटाए जाने के पक्ष में नहीं थे जबकि दो फीसदी ने सरकार पर छोड़ा कि वे जरूरत के हिसाब से तय करें। हालांकि सर्वे में 80 फीसदी कारोबारियों ने चरणबद्ध तरीके से बाजार खोले जाने की बात जरूर कही है, लेकिन कारोबारी नेताओं ने ईवन-ऑड के फार्मूले को विफल करार दिया है। उनका कहना है कि बाजार पूरा खुले, सख्ती के साथ खुले और कारोबारी व नागरिक समझदारी का परिचय दें। क्योंकि दूसरी लहर में काफी कुछ खोया है।
व्यापारी समझदार, पहले ही कर और करवा रहा प्रोटोकॉल का पालन
प्रोटोकॉल का पालन कराए जाने को लेकर ज्यादातर व्यापारी प्रशासनिक व सरकारी सख्ती के पक्ष में नहीं हैं। उनका कहना है कि कारोबारी समझदार हैं, हेल्प डेस्क पहले से ही बनी हुई है, सारे रिकॉर्ड मेनटेन किए जा रहे हैं। ऐसे में सख्ती की जरूरत नहीं है।
दवा और किराना के अलावा हर कारोबार रहा बंद
सर्वे में खाद्य पदार्थ-किराना, खाद्य तेल, लोहा, आयरन, हार्डवेयर, भवन निर्माण सामग्री, रियल एस्टेट, होजरी-रेडीमेड, कपड़ा, साड़ी, सेनेटरी, मार्बल, चूड़ी, एफएमसीजी के विभिन्न सेगमेंट, सराफा, बरतन, फुटवियर, आर्टिफिशियल ज्वैलरी, मोटर पार्ट्स, ऑटोमोबाइल, दवा, फर्नीचर में अलग-अलग सेगमेंट, इलेक्ट्रिकल्स, इलेक्ट्रानिक,मोबाइल-कम्प्यूटर व अन्य विविध ट्रेड के कारोबारियों को शामिल किया गया। दवा व किराना कारोबारियों ने कारोबार में हुए नुकसान को लेकर आम राय दी कि सभी कारोबारी नुकसान में रहे जबकि अन्य ट्रेड के कारोबारियों ने कहा कि दवा व किराना को छोड़कर हर व्यापार लगभग ठप रहा है।
नुकसान की भरपाई की तो सोच ही नहीं रहे
सर्वे में कारोबारियों ने कहा कि नुकसान की भरपाई की तो हम सोच ही नहीं रहे, बस रोजी-रोटी चले यही बड़ी बात है। रही बात कारोबार पटरी पर कब तक आएगा तो ज्यादातर का कहना था कि कम से कम 6 महीने से लेकर एक साल और होटल-रेस्टोरेंट जैसे कारोबार में तो दो साल तक का समय लग सकता है। यह भी तभी संभव है जब तीसरी लहर की आशंका निराधार साबित हो।
कोरोना कर्फ्यू और कारोबार को लेकर कारोबारी सर्वे
कारोबारियों की संख्या : 100
ट्रेड की संख्या : 25
बाजार : शहर के लगभग सभी बाजारों के प्रतिनिधियों को किया शामिल
व्यापार मंडल: लखनऊ व्यापार मंडल और उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के सदस्यों से की गई बात
सर्वे की खास और आम बात
- ज्यादातर व्यापारियों ने कहा कि दवा व किराना को छोड़ कर सभी कारोबार पूरी तरह से ठप रहे
- दवा व किराना कारोबारी बोले- लॉकडाउन ने सबका नुकसान किया, जिन दुकानों के शटर नहीं उठे, वहां भुखमरी जैसे हालात
- हर ट्रेड के कारोबारी ने अपने ट्रेड में ज्यादा नुकसान होने की बात कही
व्यापारियों द्वारा बाजार खोलने के लिए दिए गए सुझाव
- पूरी तरह से नहीं खोले जाएं बाजार, पहले चरण में कुछ घंटे के लिए खोले जाएं
- दाएं या बाएं या एक लेन का फॉर्मूला लागू किया जा सकता है
- रात का कर्फ्यू लागू रहे।
- वीकेंड में बंद रखने के बजाय, हफ्ते का कोई और दिन बंद रखने को तय किया जाए। क्योंकि वीकेंड में सरकारी कार्यालयों की भी छुट्टी रहती है, लोग वैसे भी कम निकलते हैं। बेहतर है कि सप्ताह का कोई और दिन बंदी के लिए तय कर दिया जाए।
- दो शिफ्ट में भी खोले जा सकते हैं बाजार। जैसे सुबह 9 से 12 और शाम 5 से 8। शाम को पांच बजे के बाद लोग अक्सर खरीदारी करने निकलते हैं।
- अलग ट्रेड अलग दिन का नियम भी लागू किया जा सकता है।
- शर्तों के साथ एक दिन छोड़कर भी बाजार खोले जा सकते हैं।
सवाल जो कारोबारियों से पूछे गए
- कोरोना कर्फ्यू 31 मई तक है। आगे इसे बढ़ना चाहिए या नहीं?
- पहली जून से बाजार पूरी तरह खोले जाएं या आंशिक कुछ घंटों के लिए या फिर अलग-अलग दिन को या कोई और सुझाव?
- मास्क, सैनिटाइजर व सोशल डिस्टेंसिंग के पालन को लेकर सख्ती हो या फिर सिर्फ अपील, व्यापारी खुद क्या करेंगे प्रयास या करना चाहिए?
- बाजार न खुलने से कितने फीसदी कारोबार प्रभावित हुआ?
- सबसे ज्यादा किस ट्रेड पर बंदी के दौरान असर पड़ा?
- पहली जून से बाजार खुलने से नुकसान की भरपाई हो पाएगी या नहीं?
प्रोटोकॉल के लिए सरकार सख्ती करे व्यापारी खुद व्यवस्था करेंगे
- 96 फीसदी कारोबारी खुद ही प्रोटोकाल पालन को लेकर तैयार,
- 4 फीसदी ने कहा, प्रभावित लोग ही पालन कर रहे हैं, सख्ती करे प्रशासन
कारोबार कितने प्रतिशत तक प्रभावित हुआ, पर उनका मत
- 40-100 फीसदी तक कारोबार प्रभावित हुआ कारोबारियों के अनुसार विभिन्न ट्रेड में। सभी ने माना-जो नुकसान हुआ, उसकी भरपाई नहीं हो सकती है
- 70 फीसदी का मत 6 से एक साल तक का समय लगेगा, कारोबार पटरी पर आने पर
- 20 फीसदी को उम्मीद यदि अभी खुल गया बाजार तो आने वाली सहालग से कुछ कारोबार हो जाएगा।
- 10 फीसदी हालात सामान्य रहे तो दो-तीन महीने भी पटरी पर आ जाएगी गाड़ी।
एक जून से खुले बाजार
अध्यक्ष लखनऊ व्यापार मंडल, - राजेंद्र अग्रवाल का कहना है कि लखनऊ व्यापार मंडल ने ही सबसे पहले बाजार में लॉकडाउन की पहल की थी। कोरोना की चेन तोड़ने के लिए इस पहल को सभी ने सराहा, अब संक्रमण का खतरा कम हुआ है, इसलिए बाजार खोला जाना चाहिए।
रिकवरी बढ़ी है, अब अनलॉक हो
वरिष्ठ महामंत्री, लखनऊ व्यापार मंडल, अमरनाथ मिश्रा का कहना है कि यह खुशी की बात है कि संक्रमण की चेन टूटी है और रिकवरी रेट बढ़ा है। कारोबार बहुत दिनों से बंद है, व्यापार को पटरी पर लाने के लिए अब जरूरी है कि इसे अनलॉक किया जाए।
केस कम हुए हैं तो खुलना चाहिए बाजार
अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल, संजय गुप्ता ने कहा कि कोरोना के केस कम हो गए है तो बाजार को धीरे-धीरे खोलना चाहिए। इससे कम से कम सभी का काम वापस ट्रैक पर आ सकेगा। अन्यथा पिछली बार की तरह भारी नुकसान हो सकता है।
बाजार खुल जाए तो स्टाफ की सैलरी, डंप माल की निकासी हो सके
अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश कपड़ा उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, अशोक मोतियानी ने कहा कि बाजार थोड़ा सा समय देकर खोला जाना चाहिए। यदि ऐसा हो गया तो स्टाफ की सैलरी, डंप माल की निकासी हो जाएगी। व्यापारी ने कई खतरे देखें हैं, कोई लापरवाही नहीं करेगा।
ईवन-ऑड का फार्मूला नहीं चलेगा
महानगर गोल मार्केट व्यापार मंडल अध्यक्ष, विनय शुक्ला ने कहा कि पिछली बार ही देख लिया था कि ईवेन-ऑड के फार्मूले से कोई फायदा नहीं हुआ। इसलिए बाजार एक बार में एक ही खुले, लेकिन पूरा खुले। इससे ग्राहक को भी परेशानी नहीं होगी। कारोबारी तो पहले से ही सतर्क है।
शर्तों के साथ खुले अनुमति
महामंत्री, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल, सुरेश छबलानी ने कहा कि सभी तरह के व्यापार को निश्चित शर्तों के साथ एक जून से खोला जाना चाहिए। छह घंटे के लिए अथवा कुछ समय के लिए दुकानें खोलने की अनुमति प्रदेश सरकार द्वारा दी जानी चाहिए।
विज्ञापन

कारोबार चलेगा तो सभी का भरण पोषण हो
अध्यक्ष भूतनाथ व्यापार मंडल, देवेंद्र गुप्ता ने कहा कि कारोबारी अपना और अपने से जुड़े नौकरी पेशा वर्ग के परिवार का भरण पोषण कर सके। क्योंकि दोबारा लॉकडाउन कोई नहीं चाहेगा। आने वाले समय में थोड़ी सी राहत मिल जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें