लखनऊ। गोपिका वासुदेव मेमोरियल सोसाइटी नाम के एनजीओ के बैंक खाते में सात सितंबर को कहीं से 95 लाख रुपये जमा किए गए। इसके कुछ ही देर बाद पूरी रकम कई अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी गई। खाते में इतनी बड़ी रकम की संदिग्ध लेनदेन की जानकारी होने पर एनजीओ के महासचिव प्रखर राय ने पारा थाने में धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कराई है।
प्रखर राय राजाजीपुरम के डी-184 स्थित गोपिका वासुदेव मेमोरियल सोसाइटी के महासचिव हैं और उनकी पत्नी आकांक्षा श्रीवास्तव कोषाध्यक्ष हैं। संस्था का चालू खाता बैंक ऑफ इंडिया की मोहान रोड शाखा में है। प्रखर राय के मुताबिक, सात सितंबर को एनजीओ के खाते में 95 लाख रुपये जमा किए गए। उसी दिन पूरी रकम कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर दी गई। मोबाइल पर मैसेज आने पर उन्हें इस लेनदेन का पता चला। वह तुरंत बैंक पहुंचे और बैंक मैनेजर से मामले की शिकायत की। प्रखर राय के मुताबिक सात सितंबर को कुछ देर के लिए उनका मोबाइल फोन हैक हो गया था। कुछ देर के लिए मोबाइल की स्क्रीन ब्लर हुई। इसके बाद उनके पास खाते में रुपये क्रेडिट और डेबिट होने के मैसेज आए। संदिग्ध लेनदेन का पता चलने पर बैंक ने उन्हें तत्काल पुलिस से शिकायत करने के लिए कहा। प्रखर राय ने बृहस्पतिवार को इस मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ पारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
उन्होंने बताया कि इतनी बड़ी रकम एनजीओ के खाते में किसने और कहां से भेजी इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिल सकी है। उन्होंने एनजीओ के खाते का इस्तेमाल साइबर क्राइम से जुड़ी रकम की हेरफेर के लिए होने की आशंका जताई।
बैंक से मांगी गई लेनदेन की डिटेल
इंस्पेक्टर पारा सुरेश सिंह के मुताबिक पीड़ित का कहना है कि बैंक ने उन्हें लेनदेन का पूरा विवरण नहीं दिया है। अब बैंक से संपर्क कर पूरी डिटेल मांगी गई है। शुक्रवार को बैंक हड़ताल की वजह से जानकारी नहीं मिल सकी। बैंक से पूरा विवरण आने के बाद मामले में और विस्तृत जानकारी मिल सकती है। इस बात की आशंका है कि एनजीओ के खाते में हुआ लेनदेन साइबर क्राइम से जुड़ा हो सकता है।