सस्ते उपकरण बनाने में मदद करें केजीएमयू के डॉक्टर : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के डॉक्टरों को चिकित्सा के सस्ते उपकरण विकसित करने में सहयोग करने के लिए कहा है। केजीएमयू के साथ ही उन्होंने पीजीआई के डॉक्टरों को आईआईटी कानपुर के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से जुड़ने के लिए प्रेरित भी किया। मुख्यमंत्री सोमवार को केजीएमयू में 941 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने पहुंचे थे। अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कंवेंशन सेंटर में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि आईआईटी कानपुर के साथ मिलकर डॉक्टर चिकित्सा के सस्ते और आधुनिक उपकरण विकसित कर सकते हैं। ऐसा करके मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करा सकते हैं। इस मौके पर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, प्रमुख सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य पार्थसारथी सेन शर्मा, केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद और कार्यक्रम के संयोजक प्रो. केके सिंह मौजूद रहे।
दो महामारी में इलाज करता रहा केजीएमयू
मुख्यमंत्री ने कहा कि केजीएमयू ने पिछली और इस सदी की दोनों महामारी में मरीजों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराई है। बीती सदी में स्पेनिश फ्लू और इस सदी में कोरोना महामारी ने मानवता के लिए संकट खड़ा किया। केजीएमयू ने अपनी 120 वर्ष की शानदार यात्रा के दौरान हर बार खुद को साबित किया है। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक पूर्वांचल में इंसेफेलाइटिस के काफी मामले आते थे। प्लेटलेट्स की कमी के चलते लोगों की जान जाती थी। ऐसे में केजीएमयू की डॉ. तूलिका चचंद्रा ने वहां जाकर सीएमई करके डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया। इससे अय पूर्वांचल के लोगों में जापानी इंसेफेलाइटिस का डर नहीं रहा।
दूर होगा राज्यमंत्री का दर्द
अपने भाषण के दौरान मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह से चुटकी लेते हुए कहा कि जल्द ही राज्यमंत्रीजी का दर्द दूर हो जाएगा। पिछले साल 17 मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू हुई थी। अमेठी में पढ़ाई की शुरुआत नहीं हो सकी थी। इस साल वह भी शुरू हो जाएगी। हर जनपद में मेडिकल कॉलेज खुलने पर केजीएमयू और पीजीआई जैसे संस्थानों का दबाव कम होगा।
बलरामपुर में हम भी कर रहे हैं ऑपरेशन
मुख्यमंत्री ने बलरामपुर में केजीएमयू के सेटेलाइट कैंपस की चर्चा करते हुए जनपद में धर्मातरण के लिए चल रहे अभियान की तरफ इशारा करते हुए कहा कि हम भी एक ऑपेरशन कर रहे हैं। यह ऑपरेशन आप लोग नहीं कर सकते हैं। दो साल में केजीएमयू को 1600 करोड़ रुपये की सहायता: उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 1985 से 2021 के बीच केजीएमयू को प्रदेश सरकार से कुल 1600 करोड़ रुपये की सहायता मिली। वहीं पिछले दो साल में ही केजीएमयू को सरकार ने 1600 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं। उपमुख्यमंत्री ने डॉक्टरों को मरीज को निराश न होने देने के लिए प्रेरित किया।
कुलपति ने की द्वितीय परिसर की मांग
केजीएमयू कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने मुख्यमंत्री से दूसरे परिसर के लिए स्थान की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने केजीएमयू को बलरामपुर मेडिकल कॉलेज चलाने के लिए भी आमंत्रित किया। केजीएमयू शिक्षक संघ के अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक प्रो. केके सिंह ने केजीएमयू को विरोलॉजी लैब के लिए अतिरिक्त स्थान देने की मांग की। साथ ही स्थान मिलने पर नर्सिंग, पैरामेडिकल के उन्नत सेंटर और स्नातक, परास्नातक और पीएचडी की पढ़ाई कराने की बात भी कही।