होलिका जलाने से लेकर होली खेलने के दौरान 936 हुड़दंगी घायल होकर विभिन्न अस्पतालों में पहुंचे। इनमें से सात ऐसे थे जिनकी ट्रॉमा सेंटर पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। घायल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से ज्यादातर को सिर में चोट, हाथ व पैरों में फ्रैक्चर है।
दर्जनों मरीज कोमा में हैं। जिनका ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो सर्जरी विभाग में इलाज चल रहा है। नशे ने सैकड़ों परिवारों की होली बेरंग कर दी। नशे में गाड़ी चला रहे लोग खुद तो घायल हुए ही वाहन की चपेट में आने से अन्य लोग भी घायल हुए।
ट्रॉमा सेंटर में भर्ती राजीव (24) रीढ़ में चोट आई। इसके चलते उसके गर्दन के नीचे के हिस्से में लकवा मार गया। कोमा में होने के कारण उसकी मां व पूरा परिवार सीटी स्कैन लिए वहां डॉक्टर के आने का इंतजार कर रहे थे।
इसी तरह सनी (12) होली के दिन सड़क के किनारे खड़ा था। नशे में गाड़ी दौड़ा रहे दो युवकों ने एक गाड़ी को ठोकर मारी, ये गाड़ी अनियंत्रित होकर गिरी तो सनी उसकी चपेट में आ गया।