लखनऊ में नर्सिंगहोम, क्लीनिक, अस्पताल, पैथोलॉजी और डाइग्नोस्टिक सेंटरों की तादाद करीब 800 है, लेकिन नगर निगम से लाइसेंस महज 20 ने ही बनवाया है। इसी तरह अंग्रेजी व देशी शराब की दुकानों और बीयर बार व मॉडल शाप चलाने वाले करीब 500 लोग हैं, पर लाइसेंस सिर्फ चार ने बनवाया है। ऐसी ही लापरवाही होटल, रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस चलाने वालों की भी है।
अब नगर निगम प्रशासन इन लोगों के खिलाफ सीलिंग और जुर्माने की कार्रवाई करेगा। चेतावनी नोटिस भी जारी कर दिया गया है। नगर निगम सदन से पास उपविधि के तहत नगर निगम सीमा में चलाए जाने वाले विभिन्न चिकित्सकीय सेंटर, होटल-रेस्टोरेंट, गेस्ट हाउस, शराब व ईंट भट्ठा वालों के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना आवश्यक है। लाइसेंस बिना शहरी सीमा में इनका संचालन नहीं किया जा सकता।
सभी तरह के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अलग-अलग लाइसेंस शुल्क तय है। उपविधि के तहत एक साल के लिए ही लाइसेंस बनाया जाता है, जो अप्रैल से मार्च तक प्रभावी होता है। जिन दर्जनभर व्यवसायों के लिए नगर निगम से लाइसेंस लेना आवश्यक है उनकी तादाद करीब 2000 है, लेकिन बीते माह तक लाइसेंस महज 150 लोगों ने ही बनवाए हैं।
इनसे नगर निगम को 10 लाख से अधिक की आय हुई है। नया वित्तीय वर्ष शुरू हुए तीन माह हो गए, लेकिन अभी करीब 1850 प्रतिष्ठानों ने लाइसेंस नहीं बनवाए। इससे नगर निगम की करोड़ों की आय प्रभावित हुई है। अब लाइसेंस न बनवाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिष्ठान और लाइसेंस शुल्क प्रतिवर्ष
नर्सिंग होम-प्रसूतिगृह 50 बेड से कम 7500 रुपये
नर्सिंग होम-प्रसूतिगृह 50 से सौ बेड तक 15000 रुपये
नर्सिंग होम-प्रसूतिगृह सौ बेड से अधिक 20000 रुपये
रेस्टोरेंट जलपानगृह 2000 रुपये
कोल्ड ड्रिंक निर्माण व विक्रय केंद्र 500 रुपये
बार 50000 रुपये
पांच सितारा होटल 100000 रुपये
तीन सितारा होटल 5000 रुपये
गेस्ट हाउस, होटल 20 बेड तक 2000 रुपये
गेस्ट हाउस, होटल 20 बेड से अधिक 3000 रुपये
अंग्रेजी शराब की दुकान 55000 रुपये
देशी शराब और बीयर शॉप 30000 रुपये
मॉडल शॅाप 60000 रुपये
पैथोलॅाजी सेंटर 10000 रुपये
एक्सरे, ब्लडबैंक 10000 रुपये
क्लीनिक केवल परामर्श 10000 रुपये
आयुष क्लीनिक केवल परार्मश 4000 रुपये
ईंट भट्ठा 12000 रुपये
बिना विलंब शुल्क लाइसेंस बनवाने का आखिरी मौका
अगस्त से विलंब शुल्क भी देना होगा
जुलाई में लाइसेंस न बनवाने वालों से अगस्त से विलंब शुल्क भी लिया जाएगा। इसमें देशी शराब और बीयर की दुकान के लाइसेंस पर 2000 रुपये, विदेशी शराब की दुकान के लाइसेंस पर 4000, मॉडल शॉप पर 6000 और अन्य तरह के लाइसेंस पर 1000 रुपये विलंब शुल्क लिया जाएगा।
जिन भी प्रतिष्ठान संचालकों ने अब तक लाइसेंस नहीं बनवाए हैं, वह इस महीने बनवा लें। इसके बाद नगर निगम जुर्माना तो वसूलेगा ही, सीलिंग और कुर्की की कार्रवाई भी करेगा। सभी व्यवसायियों को कोविड-19 के तय निर्देशों का पालन भी करना होगा। - राकेश यादव, अपर नगर आयुक्त