जिला प्रोबेशन अधिकारी पर गिरेगी गाज
सीतापुर। सुहागिनों को विधवा पेंशन देने के मामले में जिलाधिकारी ने जिला प्रोबेशन अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के लिए शासन को आरोपपत्र भेजा है। इससे ये माना जा रहा है कि जल्द ही शासन स्तर से इनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।
‘अमर उजाला’ ने इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। चार अफसरों ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट दी थी। इससे पूर्व इस प्रकरण में आंकड़ा विश्लेषक समेत दलालों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है।
सुहागिनों को विधवा पेंशन देने की खबर ‘अमर उजाला’ ने 16 नवंबर 2018 के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की थी। जिसके बाद सीडीओ संदीप कुमार ने जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला प्रोबेशन अफसर को जांच के निर्देश दिए थे। इसके अलावा डीडीओ को भी मामले की जांच सौंपी गई थी।
मगर संबंधित अफसरों की हीलाहवाली से जांच में देरी हुई। इसके लिए उन्हें कई बार पत्र भी जारी किए गए। जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच सिटी मजिस्ट्रेट को दी गई थी। उन्होंने गहनता से जांच कर रिपोर्ट डीएम को भेजी थी।
इसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बर्खास्त आंकड़ा विश्लेेषक एवं तीन दलालों के विरुद्ध शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसके बाद सीडीओ संदीप कुमार ने प्रकरण का परीक्षण किया तो ये तथ्य प्रकाश में आया कि प्रकरण में जिला प्रोबेशन अफसर दोषी हैं, क्योंकि विधवा पेंशन की धनराशि लाभार्थी के खाते में भेजने संबंधित शासन के आदेश में ये अंकित है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी के पासवर्ड से ही धन भेजने की कार्रवाई होती है।
इसमें किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर वही उत्तरदायी होंगे। इस आधार पर उनके खिलाफ आरोपपत्र तैयार किया गया। इसे डीएम शीतल वर्मा ने संज्ञान लेते हुए जिला प्रोबेशन अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए आरोपपत्र महिला कल्याण प्रमुख सचिव को भेजा है। साथ ही ये पत्र महिला कल्याण निदेशक को भी कार्रवाई के लिए भेजा गया है।