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सामान्य कुते ही बच्चों की जान लेने वाले

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सीतापुर। जिले में पिछले छह महीने से आतंक का पर्याय बने हमलावर कोई जंगली जानवर नहीं, बल्कि कुत्ते ही हैं। कुत्ते भी शिकारी नहीं, बल्कि सामान्य नस्ल के हैं। जिला प्रशासन की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में यही बताया गया है। प्रशासन का दावा है कि आईवीआरआई की रिपोर्ट में भी हमला करने वाले सामान्य कुत्ते बताए गए हैं।
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दरअसल, जिले के खैराबाद इलाके से इन हमलों की शुरुआत नवंबर 2017 से हुई। कुत्तों की तरह दिखने वाले जानवरों के एक झुंड ने मासूम बच्ची को नोचकर मार डाला। जिसके बाद एक के बाद एक इन नरभक्षी हमलावरों ने 14 बच्चों की जान ले ली और 30 से ज्यादा लोगों को बुरी तरह नोचकर जख्मी कर दिया। इस मामले मे आईवीआरआई सहित कई संस्थानों के विशेषज्ञों ने जिले का दौरा कर डीएनए व अन्य सैंपल लिए थे। इस प्रकरण में पशु प्रेमी ये मौतें कुत्तों के बजाए जंगली जानवरों के हमले से होना बता रहे हैं। इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में याचिका भी दायर है। प्रशासन का कहना है, कि आईवीआरआई ने अपनी रिपोर्ट में हमला करने वाले जानवर सामान्य कुत्ते बताए हैं। सिटी मजिस्ट्रेट हर्ष देव तिवारी ने बताया कि हमलावर सामान्य कुत्ते ही हैं, यही रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
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