बहराइच। गांवों में पेयजल की किल्लत जल्द दूर होगी। जिले के 25 गांवों को नीर निर्मल योजना के तहत चयनित किया गया है। इन गांवों में विश्व बैंक की मदद से पेयजल आपूर्ति की जाएगी।
पेयजल सुविधा को विकसित करने के लिए नीर निर्मल परियोजना के तहत जल निगम, ग्राम्य विकास विभाग मिलकर काम करेंगे। पहले चरण में 16 हजार 873 घरों में पाइप लाइन के जरिये पानी पहुंचाने का काम होगा। इस पर लगभग 42 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
विश्व बैंक ने भारत सरकार को गांवों में शुद्ध पेयजल के लिए नीर निर्मल परियोजना के तहत धनराशि दी है। इसके तहत प्रदेश सरकार को 2035 करोड़ रुपये दिए गए हैं।
परियोजना के तहत बहराइच को भी चयनित किया गया। परियोजना के अधिशासी निदेशक सुरेंद्र राम ने बताया कि बहराइच के 11 विकासखंडों की 25 ग्राम पंचायतों को इसके तहत चयनित किया गया है।
इन ग्राम पंचायतों में पेयजल के विकास पर 42 करोड़ 26 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना को जल निगम द्वारा पूरा किया जाएगा। नोडल विभाग ग्राम्य विकास विभाग को बनाया गया है। पहले चरण में चयनित 25 गांवों के 16873 घरों तक शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
इन गांवों का हुआ चयन
परियोजना के जिला प्रबंधक संतोष कुमार ने बताया कि योजना के तहत विकासखंड पयागपुर के ग्राम लालपुर, विशेश्वरगंज के ग्राम बालापुर, लक्खारामपुर व झूरीकुइयां, चित्तौरा के मोहम्मदनगर, अशोका डीहा व नगरौर, तेजवापुर के कौड़हा, चेतरा व नौशहरा, महसी के असमानपुर, राजापुर कलां, कपूरपुर, शिवपुर के बौंडी, रिसिया के भोपतपुर व लौकी, बलहा के राजापुर कलां व सिलेटनगंज, हुजूरपुर के करमुल्लापुर व आदिलपुर, कैसरगंज के कुंडासर व गुलहरिया गाजीपुर और जरवल के पुरैनी व कुरसंडा गांव को चयनित किया गया है।
स्टेट व नेशनल हाईवे से मांगी एनओसी
परियोजना के डीपीएम संतोष कुमार ने बताया कि लालपुर, अशोका डीहा और गुलहरिया गाजीपुर राज्य मार्ग पर पड़ते हैं। कुंडासर और भोपतपुर चौकी गांव राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ते हैं। ऐसे में स्टेट और नेशनल हाईवे से पाइप लाइन बिछाने के लिए एनओसी मांगी गई है। एनओसी मिलने के बाद पाइप लाइनें बिछाई जाएंगी।