रायबरेली। सीतापुर जिले में कुत्तों के आतंक की खबर इन दिनों सुर्खियों में है। अब तो यहां भी कुत्तों का खौफ मंडराने लगा है। शहर के राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में बुधवार को कैंपस में घूम रहे आवारा कुत्तों ने छात्राओं पर हमला कर दिया। इस बीच नल पर पानी पीने के लिए गईं दो छात्राओं को एक कुत्ते ने काट लिया। वहां तैनात शिक्षक व कर्मचारी कुत्तों को भगाने के लिए दौड़े, लेकिन कुत्तों ने उन पर भी हमला करने की नीयत से भौंकना शुरू कर दिया। किसी तरह कुत्तों को भगाया गया। इसके बाद घायल छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें इंजेक्शन लगाए गए।
जीजीआईसी में जिस समय कुत्तों ने छात्राओं पर हमला किया, उस समय भोजनावकाश चल रहा था। ज्यादातर छात्राएं कक्षाओं से बाहर थीं। इसी बीच कक्षा छह की छात्रा दीपिका पुत्री राम सजीवन और कक्षा सात की छात्रा आयशा बानो पुत्री जाबिर हुसैन भोजन करके हाथ धोने और पानी पीने के लिए नल पर गई थीं, तभी कैंपस में टहल रहे कुत्तों ने हमला बोल दिया। कुत्तों को आता देख दोनों छात्राएं कमरों की तरफ जाने लगीं, तभी एक कुत्ते ने दोनों छात्राओं को काट लिया। अचानक हुए इस हमले से बाकी छात्राएं भी कमरों में घुस गईं। कमरों में बैठीं शिक्षिकाएं और कर्मचारी बचाने के लिए बाहर आए तो कुत्तों ने उन पर भी भौंकना शुरू कर दिया। काफी देर बाद किसी तरह कुत्तों को भगाया गया, तब तक घायल छात्राएं बिलखती रहीं। घटना की खबर मिलने पर अभिभावक भी स्कूल पहुंच गए। हालांकि दोनों छात्राओं को जिला अस्पताल भेजकर इंजेक्शन लगवा दिए गए हैं, लेकिन कॉलेज कैंपस में इस तरह की घटना को लेकर अभिभावकों में आक्रोश है और छात्राएं भयभीत हैं। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य पार्वती त्रिपाठी ने बताया कि एक कुत्ता न जाने कैसे विद्यालय में आ गया, जिसने दो छात्राओं को काट लिया है। इन छात्राओं को शिक्षिका के साथ अस्पताल भेजा गया। नगर पालिका को आवारा कुत्तों को पकड़वाने के लिए पत्र लिखा गया है।
घटना के बाद से खौफजदा हैं अभिभावक
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज में अक्सर आवारा कुत्ते टहलते रहते हैं। इससे छात्राएं भयभीत रहती हैं। शिकायत के बाद भी कोई हल नहीं निकलता है। सीतापुर की घटनाएं सुनने के बाद से तो और भय व्याप्त था। अब तो स्कूल परिसर में ही घटना घट गई, जिससे अभिभावक भी खौफजदा हैं। घटना की खबर मिलने पर विद्यालय पहुंचे आयशा के पिता जाबिर ने बताया कि जब वह अपनी बिटिया को लेने पहुंचा तो उस समय भी कैंपस में पांच-छह कुत्ते टहल रहे थे। दूसरे अभिभावकों ने भी कहा कि विद्यालय में प्रवेश का सिर्फ एक गेट है और उस पर चौकीदार या चपरासी तैनात रहता है, फिर भी कुत्ते किस तरह कॉलेज कैंपस में घुसकर आतंक मचाते रहते हैं। कहीं न कहीं लापरवाही जरूर रहती है।
स्कूल-कॉलेज परिसरों में मंडराते रहते आवारा कुत्ते
रायबरेली। सीतापुर की घटनाएं किसी से छिपी नहीं है। इसके बाद भी आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए हैं। जिस तरह शहर के जीजीआईसी में कुत्तों ने हमला बोला और छात्राओं को घायल किया, उस तरह दूसरे स्कूल-कालेजों में भी घटनाएं हो सकती हैं। वजह यह कि ज्यादातर स्कूल और कॉलेजों में पूरे दिन आवारा कुत्ते टहलते रहते हैं। विद्यालय परिसर ही नहीं, बल्कि कक्षाओं में भी अक्सर कुत्ते घुसकर भौंकने लगते हैं। शहर में जीजीआईसी के अलावा जीआईसी, एमजीआईसी, आचार्य द्विवेदी इंटर कॉलेज, वैदिक इंटर कॉलेज समेत कई प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं, जहां अक्सर विद्यालय संचालन अवधि के दौरान कुत्ते टहलते हुए नजर आते हैं। विद्यालयों के गेट पर कोई कर्मचारी भी उन्हें रोकने के लिए तैनात नहीं रहता है। सबसे ज्यादा समस्या भोजनावकाश के दौरान आती हैं। छात्र-छात्राएं कक्षाओं के बाहर भोजन करने के लिए या फिर भोजन करके टहलती हैं, तभी कुछ खाने या पाने की ललक में वहां टहल रहे कुत्ते भौंकने लगते हैं।